7 हजार बीघा सरकारी जमीन को लेकर BJP सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, कहा -“जनता की जमीन को सत्ता के करीबियों की जागीर नहीं बनने देंगे

देहरादून: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश की करीब 7 हजार बीघा सरकारी जमीन को उत्तराखंड इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बोर्ड के माध्यम से व्यावसायिक उपयोग और नीलामी की दिशा में ले जाने को लेकर धामी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि इतनी बड़ी मात्रा में

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’

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वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाला – कर्नाटक के मंत्री बी.नागेंद्र ने रोते हुए दिया इस्तीफा, दूसरी बार देना पड़ा इस्तीफा

बेंगलुरु: कर्नाटक सरकार के मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया। वह दो साल में दूसरी बार ऐसा करने वाले मंत्री बन गए हैं। नागेंद्र पर 89 करोड़ के घोटाले का आरोप है। बता दें इसी महीने की शुरुआत में कैबिनेट विस्तार के दौरान उन्हें दोबारा मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। इससे पहले वह 2024 में सिद्धरमैया सरकार में भी मंत्री रहे थे। नागेंद्र ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रोते हुए अपने इस्तीफे की घोषणा की।उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं अपनी मर्जी से मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। ” नागेंद्र ने बताया कि उन्होंने शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी का विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे पर दो साल पहले भी उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया

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कोचिंग सेंटर्स में 10वीं तक के स्टूडेंट्स की एंट्री बंद करने का फैसला क्या सही है?

राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कराए गए शुद्धिकरण (Purification) के गंभीर मामले में उनके द्वारा सदन में दिए गए आश्वासन की मैंने याद दिलाई है और आग्रह किया है कि इस पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए’. ’24 दिन बीत जाने के बाद भी इस घृणित घटना के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों व संगठनों के विरुद्ध एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है’. ‘मैंने पत्र में स्पष्ट कहा है- यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है, जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं. ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है. और मेरी मांग स्पष्ट है कि इन तथ्यों और राज्य सभा सदन में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप मुख्यमंत्री उत्तराखंड को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धिकरण की इस घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें.’

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