‘भारत शांति के पक्ष में’, बातचीत के जरिये होना चाहिए समाधान , पश्चिम एशिया संकट पर बोले विदेश मंत्री जयशंकर

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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर राज्यसभा में बयान दिया. उन्होंने कहा कि भारत शांति के पक्ष में हैं. भारत बातचीत के जरिये समाधान के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि सरकार ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क है.

इसके बाद जयशंकर ने लोकसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर बयान दिया.संसद की कार्यवाही शुरू होने के बाद दोनों सदनों ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के लिए भारतीय क्रिकेट टीम को बधाई दी.

लोकसभा में पश्चिम एशिया में संघर्ष पर बोलते हुए, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “हमारी ऊर्जा सुरक्षा पर इस संघर्ष के असर को देखते हुए, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि वह ऊर्जा बाजार की उपलब्धता, लागत और जोखिम को ध्यान में रखे. हमारे लिए, भारतीय उपभोक्ताओं का हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा.”

पश्चिम एशिया की स्थिति पर राज्यसभा में बयान देते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “प्रधानमंत्री नए घटनाक्रमों पर करीब से नजर रख रहे हैं, और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए समन्यव कर रहे हैं.”

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम शांति के पक्ष में हैं. भारत ने शांति का समर्थन किया है. भारत बातचीत के जरिये समाधान के पक्ष में है. उन्होंने कहा कि ऊर्जा जरूरतों को लेकर भारत सरकार सतर्क है.

जयशंकर ने कहा, “हमने दो भारतीय नाविकों (मर्चेंट शिपिंग) को खो दिया है, और एक अभी भी लापता है.”

एस जयशंकर ने कहा कि यह संघर्ष भारत के लिए खास चिंता की बात है. हम पड़ोसी इलाका हैं, और पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी साफ चिंता है. खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं. ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या नौकरी के लिए हैं. यह इलाका हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल और गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं….सप्लाई चेन में गंभीर रुकावटें और अस्थिरता का माहौल गंभीर मुद्दे हैं.”

उन्होंने कहा, “भारतीय दूतावास ने तेहरान में कई भारतीय स्टूडेंट्स को बाहर की जगहों पर शिफ्ट करने में मदद की है. ईरान में बिजनेस के सिलसिले में गए भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया पार करके भारत लौटने में मदद की गई. तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है. हम इस समय भारतीय समुदाय की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं…”

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “कल (रविवार) तक, हमारे लगभग 67,000 नागरिक लौटने के लिए इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं… पश्चिम एशिया से भारतीयों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है.”

ईरान के साथ संपर्क के मुद्दा पर एस जयशंकर ने कहा, “इस समय नेतृत्व के स्तर पर ईरान के साथ संपर्क करना साफ तौर पर मुश्किल है….ईरान के विदेश मंत्री ने ईरानी युद्धपोत लावन को कोच्चि पोर्ट पर डॉक करने की इजाजत देने के इस इंसानी काम के लिए भारत को अपने देश की तरफ से धन्यवाद दिया है.”

 

News 7
Author: News 7

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