देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून जिले में चल रहे तमाम विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को समीक्षा बैठक की. वन मुख्यालय के मंथन सभागार में हुई इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के साथ ही तमाम विधायक और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के दौरान सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में मात्र दो से 3 महीने का ही वक्त बचा है, ऐसे में जिलाधिकारी सभी विभागों के साथ बैठक कर उनके चल रहे कामों को समय से पूरा कराए.
इसके अलावा सीएम धामी ने कहा कि कई बार सड़कों की खुदाई होने से आवागमन करने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में इस बात पर विशेष ध्यान दिया जाए की सड़कों की खुदाई के चलते आम जनमानस को दिक्कतों का सामना न करना पड़े.
देहरादून के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्र से संबंधित तमाम विषयों को सीएम धामी के सम्मुख रखा. बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ विकास के कामों को समय पर पूरा करें. इसके साथ ही सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए है.
सीएम ने कहा कि प्रदेश की एक-एक इंच सरकारी जमीन जनता की संपत्ति है, उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्ज़ा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. इसके साथ ही निर्देश दिए कि परिवार रजिस्टर, आयुष्मान कार्ड और बिजली कनेक्शन की गहन जांच करते हुए इस पर जोर दे कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ पात्र नागरिकों को ही मिले. ऐसे में अगर फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
वही, मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून हमारा राजधानी का क्षेत्र है. इस राजधानी क्षेत्र में राज्य और केंद्र सरकार की तमाम योजनाएं चल रही है. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में तमाम कार्यक्रम भी चल रहे हैं, ऐसे में उन सभी कार्यक्रमों को और जनस्पर्शी एवं जनकल्याण केंद्रित बनाया जाए,
साथ ही सीएम ने कहा कि जन-जन की सरकार जन-जन के द्वारा जो कार्यक्रम चल रहा है, उसको और प्रभावी बनाया जाए. इसको लेकर भी बैठक में चर्चा हुई है. सीएम ने कहा कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में लगभग 2 से 3 महीने का समय बचा हुआ है. इसके साथ ही युवा, बुजुर्ग, महिला और गरीब वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं तो धरातल पर उतारने का काम किया जाए. यही नहीं अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि शीतकाल के दौरान अलावा की व्यवस्था करने, रैन बसेरे की व्यवस्था को दुरुस्त करने के साथ ही रात्रि के समय गश्त की पर्याप्त व्यवस्था की जाए.









