देहरादून: मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ हो गया है. योजना का शुभारंभ करने और योजना के लाभार्थियों को सब्सिडी की पहली किस्त ट्रांसफर किए जाने को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने न सिर्फ योजना का शुभारंभ किया, बल्कि योजना के पहले चरण के तहत 6 जिलों से चयनित कुल 484 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में कुल 3,45,34,500 रुपए डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की गई. इस योजना के दूसरे चरण के तहत मार्च महीने के पहले हफ्ते में बचे हुए सात जिलों के 540 लाभार्थियों को धनराशि ट्रांसफर की जाएगी.:
उत्तराखंड में हजारों की संख्या में एकल महिलाएं रह रही हैं. ऐसे में इन महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने और उनकी आर्थिक स्थिति को बेहतर करते हुए उनके जीवन स्तर को बढ़ाने के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना की शुरुआत की गई. सीएम धामी ने 15 अगस्त 2023 को एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू करने की घोषणा की थी. इसके बाद महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से एकल महिला रोजगार योजना के प्रस्ताव तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की गई. जून 2024 में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान एकल महिला रोजगार योजना के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की उप समिति को ट्रांसफर कर दिया गया.
इस योजना को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद 18 जून को आवेदन की प्रक्रिया शुरू की. जिसके तहत इस योजना का लाभ उठाने के लिए एकल महिलाओं से आवेदन मांगे गए. विभाग को प्राप्त आवेदनों में से कुल 1024 एकल महिलाओं का चयन किया गया. इन महिलाओं में अविवाहित, परित्यक्ता, तलाकशुदा, निराश्रित और विकलांग एकल महिलाएं शामिल हैं.
उत्तराखंड के 6 जिलों की जिन 484 महिलाओं को राज्य सरकार की ओर से बतौर सब्सिडी धनराशि ट्रांसफर की गई है. उन सभी लाभार्थियों को अगले 6 महीने के भीतर अपना व्यवसाय शुरू करना होगा. इसके बाद समय-समय पर लाभार्थियों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए सब्सिडी की धनराशि किस्त वाइज जारी की जाएगी. अगर कोई लाभार्थी इस योजना का लाभ लेती है लेकिन बिजनेस शुरू नहीं करती है तो सरकार की ओर से शुरुआती दौर में दी गई 50 फीसदी सब्सिडी को वापस ले लिया जाएगा. 6 महीने के भीतर लाभार्थी के बिजनेस का इंस्पेक्शन किया जाएगा. उसके बाद ही आगे की किस्त जारी की जाएगी.
मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया. उन्होंने कहा प्रदेश की ऐसी महिलाएं जो परिस्थिति वश एकल जीवन जीने को मजबूर होती हैं उन को इस योजना के जरिये आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. इस योजना के तहत अभी फिलहाल दो लाख रुपए तक का व्यासाय शुरू करने पर 75 फीसदी की सब्सिडी सरकार की ओर से दी जाएगी. इस योजना से एकल महिलाओं को अपना रोजगार शुरू करने और सशक्त होने के साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिलेगा. ऐसे में इस योजना का परिणाम सामने आने के बाद इसे और अधिक विस्तारित किया जाएगा.










