पटना : राष्ट्रीय जनता दल में नेतृत्व परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है. पार्टी की राष्ट्रीय कार्य समिति की बैठक में सर्वसम्मति से तेजस्वी प्रसाद यादव को राजद का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है. यह फैसला पटना के मौर्या होटल में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में लिया गया.
राजद के गठन के बाद से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे लालू प्रसाद को 5 जुलाई को पटना के बापू सभागार में हुए खुले अधिवेशन में 2025–28 कार्यकाल के लिए दोबारा अध्यक्ष चुना गया था. उसी दिन लालू प्रसाद ने संकेत दे दिए थे कि पार्टी की कमान जल्द ही तेजस्वी यादव के हाथों में जाएगी. उनके बाद बड़े फैसले तेजस्वी ही लेंगे. छह महीने के भीतर यह संकेत औपचारिक फैसले में बदल गया.
बैठक में पार्टी के महासचिव भोला यादव ने तेजस्वी यादव के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका समर्थन प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने किया. इसके बाद उपस्थित सभी वरिष्ठ नेताओं ने एकमत से प्रस्ताव पारित कर दिया.
”लड़ना पसंद है, झुकना नहीं” : कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और वे उस भरोसे को कभी टूटने नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि लड़ना पसंद है लेकिन झुकना नहीं.
”आज दो ही विकल्प हैं—या तो मोदी जी के चरणों में रहिए या फिर लड़ाई लड़िए. मेरे पिता ने कभी सांप्रदायिक ताकतों के सामने समझौता नहीं किया. मुझे भी लड़ना पसंद है, किसी के सामने झुकना नहीं.”– तेजस्वी यादव, कार्यकारी अध्यक्ष, आरजेडी










