नोएडा: नोएडा सेक्टर-150 के सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता केस मामले में SIT जांच अब अपने अंतिम और निर्णायक चरण में पहुंच गई है. एसआईटी प्रमुख एडीजी भानु भास्कर की टीम ने जांच का चक्रव्यूह तैयार कर लिया है. 450 पन्नों की रिपोर्ट और कई अधिकारियों के बयानों के बाद यह विस्तृत रिपोर्ट आज रविवार को मुख्यमंत्री को सौंप दी जाएगी. इस रिपोर्ट के बाद यह तय हो जाएगा कि रेस्क्यू में हुई चूक के लिए किस विभाग का कौन सा अधिकारी जिम्मेदार है.
नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-6 स्थित दफ्तर में शनिवार सुबह से हलचल तेज रही. एसआईटी की टीम फाइलों के अंबार के बीच उन गुनहगारों को तलाश रही, जिनकी लापरवाही ने एक होनहार इंजीनियर की जान ले ली. जांच का सबसे अहम पहलू वो 2 घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन है, जिसमें सॉफ्टवेयर इंजीनियर को बचाया जा सकता था, लेकिन संसाधनों की कमी या देरी ने सब बिगाड़ दिया.
SIT ने शनिवार को पुलिस से यह भी जानना चाहा कि आखिर दोषियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है? इसके आलावा, युवराज मेहता की मौत मामले में जांच कर रही एसआईटी टीम ने घटना के चश्मदीद मुनेंद्र और उसके परिवार के सदस्यों को बयान दर्ज कराने के लिए नोएडा बुलाया. मुनेंद्र करीब 2 बजे के आसपास एसआईटी के सामने पेश हुआ. जांच टीम को उम्मीद है कि उसकी गवाही से हादसे के समय की परिस्थितियों और घटनाक्रम के बारे में गहनता से जानकारी मिल पाएगी.
बता दें कि सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए थे. इस मामले की जांच के लिए मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई थी.










