न्यूयॉर्क: इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारी विरोध का सामना करना पड़ा. यूएनजीए में इजरायली प्रधानमंत्री के भाषण से पहले कई देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भारी संख्या में वॉकआउट किया. वहीं, दर्शकों में आमंत्रित समर्थकों ने भी तालियां बजाईं.
नेतन्याहू ने वार्षिक महासभा में दिन का पहला भाषण शुरू करते ही प्रतिनिधियों को शांत रहने को कहा. वहीं, हमास ने कहा कि शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण से पहले प्रतिनिधिमंडलों का सामूहिक बहिष्कार, गाजा युद्ध के परिणामस्वरूप इजराइल के अलगाव को दर्शाता है.
बता दें कि, गाजा में चल रहे संघर्ष अंतरराष्ट्रीय अलगाव, युद्ध अपराधों के आरोपों के बीच नेतन्याहू के ऊपर संघर्ष को खत्म करने का भारी दबाव है. शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सबसे बड़े मंच से जैसे ही नेतन्याहू ने बोलना शुरू किया, कई देशों के प्रतिनिधि बाहर चले गए. हालांकि इस दौरान अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वहीं रुका रहा.
हमास के राजनीतिक ब्यूरो के प्रमुख के मीडिया सलाहकार ताहिर अल-नुनु ने एक बयान में कहा कि, नेतन्याहू के भाषण का बहिष्कार इज़राइल के अलगाव और विनाश के युद्ध के परिणामों का एक उदाहरण है.
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र में एक नाराज़गी भरे संबोधन में फ़िलिस्तीनी स्टेट को रोकने की कसम खाई. उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर उनके देश को ‘राष्ट्रीय आत्महत्या’ की ओर धकेलने और हमास को पुरस्कृत करने का आरोप लगाया.
नेतन्याहू के भाषण का आंशिक प्रसारण गाजा में इज़राइली सैन्य लाउडस्पीकरों पर किया गया. नेतन्याहू ने इस दौरान हमास के ख़िलाफ़ काम पूरा करने की कसम खाई, जबकि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने युद्धविराम पर एक समझौता कर लिया है.










