नई दिल्ली : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने शनिवार को कहा कि पारदर्शिता चुनाव आयोग की पहचान है। लेकिन कुछ लोग नकारात्मक और झूठी बातें फैला रहे हैं। हर मतगणना अधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित चुनाव नतीजों की पारदर्शिता को वैश्विक स्तर पर सराहना मिली है और कई देश भारत के चुनावी कानूनों को अपना रहे हैं।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत में चुनाव संविधान, चुनावी कानूनों और चुनाव आयोग के पारदर्शी आदेशों के मुताबिक ही संपन्न होते हैं। लोकसभा चुनावों के दौरान आयोग 1.8 करोड़ लोगों को तैनात करता है, जो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनावों के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करते हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत की मतदाता सूची पूरी पारदर्शिता के साथ तैयार की जाती हैं और साथ ही बूथ स्तर के एजेंटों और अधिकारियों द्वारा इनकी ऑडिट भी की जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत में ‘निष्पक्ष मतदाता सूची और निष्पक्ष चुनाव’ के लिए ऐतिहासिक दिन, चुनावी तंत्र (एसआईआर के दौरान) मृत, डुप्लिकेट, अनुपस्थित, स्थानांतरित और विदेशी जैसे अयोग्य मतदाताओं को सक्रिय रूप से हटा रहा है, एसआईआर ने अपने संवैधानिक और कानूनी दायित्व को सफलतापूर्वक पूरा किया है।









