महिला आरक्षण बिल पर संसद में बोले पीएम मोदी- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, राजनीतिक रंग देने की ज़रूरत नहीं

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

नई दिल्ली: संसद में आज महिला आरक्षण बिल पर चर्चा चल रही है। लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, कि जो बिल का विरोध करेगा उसे लम्बे वक़्त तक कीमत चुकानी पड़ेगी। पीएम मोदी ने कहा कि-

“मैं उन लोगों को भी सलाह देना चाहूंगा जो केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से सोचते हैं।हमारे देश में जब से महिला आरक्षण पर चर्चा शुरू हुई है, और उसके बाद हुए हर चुनाव में, जिसने भी महिलाओं के इस अधिकार का विरोध किया है, देश की महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया है। हम इसे पहले ही विलंबित कर चुके हैं। कारण चाहे जो भी हो, जो भी जिम्मेदार हो, हमें इस वास्तविकता को स्वीकार करना होगा। मुझे पता है कि जब यह प्रक्रिया चल रही थी, तब सभी पक्षों से परामर्श किया गया था। एक पक्ष को छोड़कर, जिनसे भी हम मिले, किसी ने भी सैद्धांतिक विरोध नहीं उठाया. बाद में जो भी हुआ हो, अब एक राजनीतिक दिशा तय की जा रही है।”

पीएम मोदी ने कहा, “21वीं सदी में भारत नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। आज हम सभी विश्व में भारत की स्वीकृति को महसूस कर रहे हैं। यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। मेरा मानना ​​है कि ‘विकसित भारत’ का अर्थ केवल रेलवे, सड़कें, बुनियादी ढांचा या आर्थिक या प्रगति के आंकड़े नहीं हैं। हम ‘विकसित भारत’ की ऐसी सीमित सोच रखने वाले लोग नहीं हैं। हम एक ऐसा ‘विकसित भारत’ चाहते हैं, जहां नीति निर्माण में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र सही मायने में समाहित हो। यह समय की मांग है कि देश की 50% आबादी नीति निर्माण में भागीदार बने।”

यह बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मैंने शुरुआत में ही कहा था कि हम सभी भाग्यशाली हैं कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़े इस महत्वपूर्ण, राष्ट्र निर्माण प्रक्रिया में भाग लेने का अवसर मिला है।हम सांसदों को इस महत्वपूर्ण अवसर को हाथ से नहीं जाने देना चाहिए। हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देंगे। हम अपनी शासन प्रणाली में संवेदनशीलता लाने के लिए सार्थक प्रयास करेंगे। यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा, बल्कि देश की दिशा और स्थिति को भी निर्धारित करेगा।”
संसदीय इतिहास का यह महत्वपूर्ण क्षण:

“इस महत्वपूर्ण विधेयक पर आज सुबह चर्चा शुरू हुई. कई सदस्यों ने विभिन्न मुद्दे उठाए हैं, और हम सदन को उन मामलों पर विस्तृत और सटीक जानकारी प्रदान करेंगे. इसीलिए मैं उन विशिष्ट बातों में नहीं जाना चाहता. किसी देश के जीवन में कुछ महत्वपूर्ण क्षण आते हैं। ऐसे समय में, समाज की मानसिकता और नेतृत्व की क्षमता उस क्षण को भुनाकर राष्ट्र के लिए एक संपत्ति में तब्दील कर देती है, जिससे एक मजबूत विरासत का निर्माण होता है. भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में, ये ऐसे ही क्षण हैं।”

 

News 7
Author: News 7

Leave a Comment

और पढ़ें

Orpheus Financial