नई: दिल्ली राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो गया है। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन कथित तौर पर एक लंबित आपराधिक मामले की जानकारी हलफनामे में नहीं देने के आधार पर खारिज कर दिया गया। नामांकन पत्र खारिज होने के बाद सियासी जंग तेज़ हो गई है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तोड़ने की कोशिश करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस ने फैसले को गलत बताते हुए कहा है कि मीनाक्षी के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है और उन्हें केवल अदालत का एक नोटिस मिला था।
एक तरफ जहां कांग्रेस इसे लोकतंत्र की हत्या बता रही है वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर बीजेपी और चुनाव आयोग पर हमला बोला। उन्होंने बीजेपी नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का जिक्र करते हुए कहा, स्मृति ईरानी लोकसभा हलफनामों में अपनी तीन अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं बताकर चुनाव लड़ सकती हैं और आयोग उसे नजर अंदाज कर देता है, लेकिन नटराजन का नामांकन रद्द कर दिया जाता है।
एमपी में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए 18 जून को चुनाव होना है। 230 सदस्यीय मध्य प्रदेश विधानसभा में बीजेपी के पास 164 विधायक हैं। इस संख्या के आधार पर भाजपा दो राज्यसभा सीटें आसानी से जीतने की स्थिति में थी और उसके पास 48 अतिरिक्त वोट भी बच रहे थे।
हालांकि तीसरी सीट जीतना भाजपा के लिए आसान नहीं था।मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के चलते यह सीट भी बीजेपी की झोली में आनी तय है।









