महिला आरक्षण बिल पर बोले अखिलेश, बीजेपी ने नारी को नारा बना दिया

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नई दिल्ली: सरकार ने आज लोकसभा में तीन अहम बिल पेश किए इनमें महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक, 2026 शामिल है। इन बिल का मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह ऑपरेशनलाइज करना है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इन तीनों बिलों को आज लोकसभा में पेश किया। जिस पर चर्चा हो रही है।

इस दौरान सपा सांसद अखिलेश यादव ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है। अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष हैं। हमारा इतिहास रहा है कि हमने महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है। डॉ. लोहिया हमेशा जेंडर जस्टिस और सोशल जस्टिस के पक्ष में रहे। हम भी उसी राह पर हैं। ये लड़ाई हमारी लगातार चल रही है। अब भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। जिन्होंने नारी को अपने संगठन में नहीं रखा वे उसके मान सम्मान को कैसे रखेंगे। मैं सुन रहा था मंत्री जी ने कई योजनओं की जानकारी दी। लेकिन हम दुनिया के आंकड़े देखें तो हम जेंडर इक्वालिटी में कहां खड़े हैं। इनकी खुद की सरकार को देखें तो इनकी 21 जगह सरकार है। बीजेपी का लक्ष्य बिल नहीं वोट है। सरकार इस बिल को लेकर इतनी हड़बड़ी में क्यों है?

सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा, बीजेपी नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी महिला आरक्षण के पक्ष में है। समाजवादियों ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाया है। यूपी पंचायत में सबसे पहले हमने महिला आरक्षण दिया।

साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी जानती नहीं है कि उनसे सबसे ज्यादा दुखी महिलाएं ही हैं। जब हम महिला आरक्षण पर बहस कर रहे हैं तो हमारे बिलकुल बगल में 40 हजार लोग सड़कों पर हैं। वहां महिलाएं धरने पर बैठी हैं। वे इसलिए हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिला रहा है। हम महिला आरक्षण के साथ हैं लेकिन भाजपाई साजिश के खिलाफ हैं। देश की सबसे बड़ी आबादी को लेकर ये चुप्पी साधे हैं।

 

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Author: News 7

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