लखनऊ: राजधानी लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के सभी जनपदों में इजरायल, अमेरिका और ईरान के युद्ध का असर अब साफ तौर पर नजर आने लगा है। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता के कारण एलपीजी गैस के लिए हर तरफ हाहाकार मचा हुआ है। लोग सुबह से ही सिलेंडर लेकर गैस एजेंसियों पर लंबी लाइनें लगाए नजर आ रहे हैं. हालांकि सरकार का दावा है कि गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन धरातल पर हालात काफी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री की उच्च स्तरीय बैठक: गैस की किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार देर शाम तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में रसोई गैस की आपूर्ति और वितरण प्रणाली की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है, इसलिए जनता को घबराने की जरूरत नहीं है. उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे रसोई गैस की कमी से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।










