प्रयागराज: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट का रुख किया है. उनकी ओर से हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है, जिस पर जल्दी सुनवाई होने की संभावना है.
आशुतोष ब्रह्मचारी की अर्जी पर प्रयागराज में नियुक्त विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट के आदेश के क्रम में रविवार को झूंसी थाने में पॉस्को एक्ट व बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज़ किया गया, जिसके बाद अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी की संभावना भी जताई जा रही है. इसे देखते हुए गिरफ्तारी से बचने के लिए उनकी ओर से अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल की गई है.
झूंसी पुलिस मुकदमा दर्ज़ होने के बाद इस मामले में पूछताछ कर चुकी है और पीड़ितों के बयान भी ले लिए हैं. ऐसे में मुकदमे की गंभीर धाराओं को देखते हुए हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दाखिल कर दी है.
बता दें कि, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य प्रत्यक्चैतन्य मुकुंदानंद गिरि के खिलाफ झूंसी थाने में FIR दर्ज की गई. प्रयागराज POCSO कोर्ट के आदेश पर बटुकों से कथित यौन शोषण का केस दर्ज किया गया है. प्रयागराज पुलिस अब इसकी जांच करेगी. ADJ रेप एवं POCSO स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने पुलिस को निर्देश दिया था कि आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर विधिवत विवेचना की जाए. शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) के तहत अदालत में अर्जी दाखिल की थी. अर्जी में आरोप लगाया गया कि संबंधित आश्रम में नाबालिग बच्चों के साथ यौन शोषण किया गया.
याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया कि आरोपों से जुड़े साक्ष्य के तौर पर एक CD भी अदालत में पेश की गई है. बताया गया कि 13 फरवरी को आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिगों के बयान अदालत में वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किए गए. अदालत ने पुलिस की रिपोर्ट को भी संज्ञान में लिया और सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. 21 फरवरी को इस मामले की सुनवाई के बाद POCSO कोर्ट ने FIR दर्ज कर जांच करने का आदेश दिया.










