अखिलेश यादव ने बजट को बताया निराशजनक, कहा – ‘इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र’

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लखनऊ : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार 9वां बजट पेश किया. भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दल के नेता बजट को लेकर अपनी पीठ थपथपा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ विपक्ष ने इसे जनता के साथ मजाक बताया है. समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आम बजट पर प्रतिक्रिया दी है.

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लिखा, आ गया भाजपाई बजट का परिणाम, शेयर मार्केट हुआ धड़ाम. हमने तो पहले ही कहा था. सवाल ये नहीं है कि शेयर बाजार रविवार को खुलेगा, सवाल ये है कि और कितना गिरेगा? जब भाजपा सरकार से कोई उम्मीद नहीं है, तो उसके बजट से क्या होगी. हम तो भाजपा के हर बजट को 1/20 (एक बटे बीस) का बजट मानते हैं, क्योंकि वो 5% लोगों के लिए होता है. भाजपा का बजट अपने कमीशन और अपने लोगों को सेट करने का बजट होता है. भाजपा का बजट, भाजपाई भ्रष्टाचार की अदृश्य खाता-बही होता है.

अखिलेश ने लिखा-

इस बजट में न आम जनता का ज़िक्र है न फ़िक्र.

महंगाई बेतहाशा बढ़ने पर भी इस बजट में जनता को टैक्स में छूट न देना, ‘टैक्स-शोषण’ है.

⁠अमीरों के काम-कारोबार और घूमने-फिरने पर दस तरह की छूटें दी गईं हैं, लेकिन बेकारी-बेरोजगारी से जूझ रहे लोगों की उम्मीदों की थाली, खाली है.

⁠मध्यम वर्ग अपने को ठगा महसूस कर रहा है.

⁠शोषित, वंचित, गरीब व्यक्ति जहां था उससे भी नीचे जाता दिख रहा है. इस बजट ने उसके चादर में पैबंद लगाने की जगह, उसे और चिथड़ा कर दिया है, क्योंकि सामाजिक सुरक्षा शाब्दिक औपचारिकता तक सीमित होकर रह गयी है.

⁠किसान, मजदूर, श्रमिक, कारोबारी, छोटा दुकानदार अपने लिए मिली राहत को दूरबीन लेकर भी ढूंढ नहीं पा रहा है.

निराशाजनक, निंदनीय बजट!

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Author: News 7

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