प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 18वें रोजगार मेले के तहत 61,000 से अधिक युवाओं को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने नवनियुक्त कर्मचारियों को ‘नागरिक देवो भव:‘ (नागरिक ही भगवान हैं) का मंत्र दिया, जो सेवा और समर्पण के साथ काम करने पर जोर देता है। उन्होंने कहा कि यह नियुक्ति पत्र ‘विकसित भारत’ के निर्माण का निमंत्रण है।
पीएम मोदी ने युवाओं को याद दिलाया कि वे न केवल सरकारी सेवक हैं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के निर्माता हैं। उन्होंने कहा कि “सेवाभाव और समर्पण के साथ हर नागरिक के जीवन में हम उपयोगी कैसे हों… ये कभी नहीं भूलना है”।
पीएम मोदी ने कहा कि यह नियुक्ति पत्र “नेशन बिल्डिंग का इनविटेशन लेटर” है, जो भारत के भविष्य को संवारने में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करता है।
भारत पर दुनिया का भरोसा बढ़ा है, और पिछले एक दशक में देश का GDP दोगुना हो गया है, जिससे युवाओं के लिए नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।
प्रधानमंत्री ने ‘अतिथि देवो भव’ की तर्ज पर ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र दिया। उन्होंने नवनियुक्त कर्मियों से कहा कि वे सरकारी सेवा को केवल नौकरी न समझें, बल्कि इसे जनता की सेवा का एक अवसर मानें।
पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा देश 2047 तक ‘विकसित भारत’ के निर्माण के संकल्प में जुटा है और इन युवाओं की भूमिका इसमें सबसे महत्वपूर्ण होगी।










