उत्तराखंड- कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सुबोध उनियाल को दिया जवाब, कहा- ‘सरकार की आंखें-कान बंद हैं और मुंह खुला है’

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देहरादून: उर्मिला सनावर के वीडियो के बाद सुर्खियों में आए अंकिता भंडारी हत्याकांड पर शुक्रवार को सरकार का भी बयान आया है. कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल में इस मामले में प्रेस वार्ता कर सरकार का पक्ष रखा. वहीं मंत्री सुबोध उनियाल के बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की भी प्रतिक्रिया आई है. गणेश गोदियाल ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए बड़ी बात कही.

दरअसल, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर देहरादून में प्रेस कॉन्फेंस कर कहा कि इस मामले में कोई वैलिड सबूत लेकर सामने तो आए, सरकार किसी भी तरह की जांच से मना नहीं कर रही है. ‘जिन लोगों की ओर से इस मामले को दोबारा उठाया गया है, उनसे सरकार और पुलिस लगातार अपील कर रही है कि वो वैलिड सबूत को लेकर पुलिस के पास आएं. पुलिस उसकी जांच कराएगी.’

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के इस बयान पर गणेश गोदियाल की प्रतिक्रिया आई. उन्होंने कहा कि सरकार ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सामने आकर प्रेस वार्ता की है. इस पत्रकार वार्ता में सरकार ने दहाड़ते हुए लोगों को यह चुनौती दी है कि जिसके पास भी इस संबंध में साक्ष्य हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष रखें.

गोदियाल ने कहा कि दरअसल, सरकार ने आंखों पर पट्टी बांधी है और कानों में रुई भर गई है. सरकार अपनी आंखें और कान बंद कर चुकी है, लेकिन उसका मुंह खुला हुआ है.

अंकिता भंडारी प्रकरण में क्या यह बात किसी से छुपी हुई है कि साक्ष्य नष्ट करने के लिए सीधे तौर पर उनके विधायक और मुख्यमंत्री पूरी तरह से जिम्मेदार हैंअगर जांच एजेंसी इनसे पूछताछ करती है तो सबूत भी यही से आएंगेउस एसआइटी से भी साक्ष्य सामने आएंगेजिस एसआइटी ने अंकिता हत्याकांड की जांच की हैरिजॉर्ट मे साक्ष्य मिटाने के लिए कौन अधिकारी और विधायक जिम्मेदार रहेक्या सरकार को यह मालुम नहीं हैइसलिए सरकार को फिजूल के स्पष्टीकरण को बंद करकेइस प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में सीबीआई से करानी चाहिए.
गणेश गोदियालप्रदेश अध्यक्षउत्तराखंड काग्रेस

गणेश गोदियाल ने बीजेपी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ज्यादा तेज बोलने से यह साबित नहीं होता कि सच ही बोला जा रहा है. सत्यता यह है कि सरकार को यह बिल्कुल पता है कि कथित वीआइपी कौन है और सबूत नष्ट होने के बाद सरकार जानबूझकर पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करने की चुनौती दे रही है.

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Author: News 7

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