वायु प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली सरकार और एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग (CAQM) ने अब सख्त कदम उठाने शुरु कर दिये है। आज से दिल्ली में ‘No PUC, No Fuel’ नियम लागू हो गया है. यानी जिन वाहनों के पास वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल, डीजल या CNG नहीं मिलेगी.
दिल्ली के सभी पेट्रोल, डीजल और CNG पंपों को निर्देश दिया गया है कि वे सिर्फ वैध PUC सर्टिफिकेट दिखाने पर ही ईंधन दें. यदि कोई वाहन बिना PUC के ईंधन लेते पाया गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा.
नियमों को सख्ती से लागू कराने के लिए दिल्ली में 580 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. पूरी दिल्ली में 126 चेक प्वाइंट्स बनाए गए हैं, इसके अलावा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के अधिकारी सीधे पेट्रोल पंपों पर मौजूद रहेंगे ताकि PUC नियमों का सख्ती से पालन हो सके.
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि 18 दिसंबर से दिल्ली में सिर्फ बीएस-6 मानक वाले पेट्रोल व डीजल वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे. बीएस-4, बीएस-3 और उससे नीचे श्रेणी के वाहनों को दिल्ली की सीमा में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा. हालांकि इलेक्ट्रिक वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.
दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और गैर-सरकारी कार्यालयों को निर्देश दिए हैं कि वे कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दें. दिल्ली सरकार का मानना है कि इससे सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटेगी, ट्रैफिक का दबाव कम होगा. इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन में भी भीड़ घटेगी. लोग खुद को प्रदूषण के दुष्प्रभाव से भी बचा सकेंगे. यह आमजन के लिए भी फायदेमंद है.
अगर जनता सहयोग करे, नियमों का पालन करे और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपनाए तो दिल्ली की हवा को साफ करना असंभव नहीं है. हालांकि अब यह देखने वाली बात होगी कि नियमों के लागू होने से लोगों को प्रदूषण से कितनी राहत मिलेगी।










