कोलकाता: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तुलना मीर जाफर से करने को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कड़ी आलोचना की है. बंगाल भाजपा के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल में दंगे भड़काने और हिंदू तथा मुस्लिम समुदायों के बीच संघर्ष भड़काने की कोशिश का आरोप लगाया.

एएनआई से बात करते हुए समिक भट्टाचार्य ने कहा, “मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल में दंगे भड़काना चाहती हैं और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच संघर्ष भड़काना चाहती हैं. राज्य में अल्पसंख्यक समुदाय को भी अहसास हो गया है कि पिछले तीन वर्षों में हुई 90% राजनीतिक हत्याओं में अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हैं.”
उन्होंने अवैध प्रवासियों का भी मुद्दा उठाया और कहा, “अगर देश छोड़कर भागे लोग आज वापस आ गए हैं, तो यह कोई वेश्यालय या धर्मशाला नहीं है, जहां कोई भी देश में प्रवेश कर सकता है. ऐसा नहीं हो सकता. हमारा रुख स्पष्ट है – ऐसे लोगों का पता लगाओ और निर्वासित करो.”
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने भी ममता बनर्जी की आलोचना की. उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता को गुमराह कर रही हैं क्योंकि उन्हें 2026 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में जीत की कोई उम्मीद नहीं है. उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी एसआईआर के बाद बिहार में फर्जी मतदाताओं के नाम कटने से डरी हुई हैं. सबसे ज्यादा फर्जी मतदाता यहीं (बंगाल में) हैं. उन्हें इस बार चुनाव जीतने की कोई उम्मीद नहीं है. वह जनता को गुमराह करने के लिए एनआरसी की बात कर रही हैं. भारतीय नागरिकों के नाम नहीं हटेंगे… फर्जी कार्ड बनाकर लोगों को वोट देने के लिए भेजा जाता है.”










