विधानसभा और विधान परिषद सदस्यों और मंत्रियों के वेतन और भत्ते बढ़ा दिए गए हैं। इस बढोतरी के बाद विधायकों को सीधे तौर पर हर माह 67750 रुपये और मंत्रियों को 77750 रुपये का फायदा होगा। इसके अलावा कुछ अन्य भत्ते भी रहेंगे। मानसून सत्र के अंतिम दिन बृहस्पतिवार को संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने उत्तर प्रदेश राज्य विधान मंडल सदस्य एवं मंत्री सुख- सुविधा विधि (संशोधन) विधेयक 2025 पेश किय, जिसे सर्व सम्मति से पास कर दिया गया।
यात्राओं के लिए ले सकेंगे एडवांस
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि विधान परिषद के पूर्व सदस्य को 6 वर्ष पूर्ण करने पर 2 हजार प्रतिमाह का अतिरिक्त पेंशन दी जाएगी। प्रथम वर्ष के पश्चात प्रतिवर्ष 2 हजार बढ़ते रहेंगे। अगर किसी का कार्यकाल 6 माह या उससे ज्यादा है तो उसे एक पूरा वर्ष माना जाएगा। वहीं पारिवारिक पेंशन जो अब तक 25 हजार रुपये थी, वह अब बढ़ाकर 30 हजार कर दी गई है।
पूर्व विधायकों के लिए रेलवे कूपन प्रतिवर्ष 1 लाख रुपये मिलता था। इसे बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपये कर दिया गया है। इसमें रेल और हवाई जहाज के लिए 50 हजार रुपये और निजी वाहन के पेट्रोल- डीजल के लिए एक लाख रुपये नगद ले सकते हैं। अगर बाद में ये बच जाते हैं तो ये भी परिवर्तनीय हैं। इससे सरकार पर कुल मिलाकर 105 करोड़ 63 लाख रुपये की वार्षिक बोझ आएगा।
हर विधायक को प्रति माह मिलने वाला वेतन भत्ता
निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 75 हजार
जनसेवा दैनिक भत्ता 2 हजार
सचिव भत्ता 30 हजार
चिकित्सीय भत्ता 45 हजार
दैनिक सत्र भत्ता 2.5 हजार
टेलीफोन भत्ता 9 हजार











