अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से लगा गए टैरिफ को लेकर भारत के सख्त रुख को दुनिया देख रही है। भारत पर अपनी दबाव रणनीति नाकाम होता देख अब अमेरिका के सुर नरम पड़ गए हैं। उसकी ओर से कहा गया है कि भारत के साथ अमेरिका के रिश्ते पहले जैसे ही हैं। इसमें कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। हमारे राजनयिक भारत-अमेरिका रिश्तों को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
विदेश विभाग की ब्रीफिंग में बोलते हुए ब्रूस ने कहा, ‘भारत-पाकिस्तान के साथ हमारा एक ऐसा अनुभव रहा है कि जब इनके बीच संघर्ष हुआ था तो वह बहुत भयानक रूप ले सकता था। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने जो कुछ हो रहा था, उसकी प्रकृति पर तत्काल चिंता जताई और तत्काल उस पर काम शुरू किया।’
‘अमेरिका के संबंध अपरिवर्तित और अच्छे बने हुए हैं’
ब्रूस ने संघर्ष को बढ़ने से रोकने में कूटनीतिक प्रयासों की सफलता पर जोर देते हुए कहा, ‘हमने फोन कॉल्स की प्रकृति और हमलों को रोकने के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया है, जिससे दोनों पक्षों को एक साथ लाकर एक स्थायी समाधान तैयार हुआ। यह बहुत गर्व की बात है कि विदेश मंत्री रुबियो, उपराष्ट्रपति वेंस और इस देश के शीर्ष नेता उस संभावित तबाही को रोकने में शामिल थे।’ उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के साथ अमेरिका के संबंध अपरिवर्तित और अच्छे बने हुए हैं। राजनयिक दोनों देशों के प्रति प्रतिबद्ध हैं।
‘अमेरिका का दोनों देशों के साथ काम करना अच्छी खबर’
उन्होंने आगे कहा, ‘एशियाई क्षेत्र और दुनिया के लिए अमेरिका का दोनों देशों के साथ काम करना अच्छी खबर है। यह एक ऐसे भविष्य को बढ़ावा देगा, जो लाभकारी हो।










