राजकोट (गुजरात) : पीएम नरेंद्र मोदी सोमनाथ में स्वाभिमान पर्व में शामिल होने के बाद वे राजकोट पहुंचे. जहां उन्होंने दो दिन के वाइब्रेंट गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया. यह कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (VGRC) का दूसरा एडिशन है.
यह इवेंट पूरे इलाके की इंडस्ट्रीज़, एमएसएमईएस, सरकारी संस्थाओं और एंटरप्रेन्योर्स के लिए एक मज़बूत प्लेटफ़ॉर्म देगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा 7 जिलों (अमरेली, भावनगर, जामनगर, कच्छ, मोरबी, राजकोट और सुरेंद्रनगर) में 3540 एकड़ से ज़्यादा एरिया में फैले 13 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट का उद्घाटन किया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “2026 की शुरुआत के बाद यह मेरा पहला गुजरात दौरा है. यह और भी सुखद है क्योंकि मेरी 2026 की यात्रा सोमनाथ दादा के चरणों में पूजा अर्चना के साथ शुरू हुई. मैं गुजरात के दिल राजकोट में इस शानदार इवेंट में हिस्सा ले रहा हूं. इसका मतलब डेवलपमेंट और हेरिटेज दोनों है. यह मंत्र हर जगह गूंज रहा है. जब भी वाइब्रेंट गुजरात समिट का प्लेटफॉर्म बनता है, मुझे सिर्फ़ एक समिट नहीं दिखता, मुझे 21वीं सदी में मॉडर्न इंडिया का सफ़र दिखता है, एक ऐसा सफ़र जो एक सपने से शुरू हुआ था और अब पक्के भरोसे के मुकाम पर पहुंच गया है.
नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनामी बनने की ओर बढ़ रहा है, और जो डेटा आ रहा है, उससे यह साफ़ है कि भारत से दुनिया की उम्मीदें बढ़ रही हैं.
भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी इकॉनमी है. महंगाई कंट्रोल में है. खेती का प्रोडक्शन नए रिकॉर्ड बना रहा है. यह दूध प्रोडक्शन में नंबर वन है. यह जेनेरिक दवा प्रोडक्शन में नंबर वन है. दुनिया में सबसे ज़्यादा वैक्सीन बनाने वाला देश भारत है… भारत की ग्रोथ पर फैक्ट शीट… पिछले 11 सालों में, भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा कंज्यूमर बन गया है.
हमारा यूपीआई दुनिया का नंबर वन रियल-टाइम डिजिटल ट्रांज़ैक्शन प्लेटफ़ॉर्म बन गया है. आज, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है.
आज, भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है. हम तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट हैं. मेट्रो नेटवर्क के मामले में, हम दुनिया के टॉप 3 में शामिल हो गए हैं…” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं, “… सौराष्ट्र और कच्छ गुजरात के ऐसे इलाके हैं जो हमें सिखाते हैं कि चुनौती कितनी भी बड़ी क्यों न हो, अगर हम ईमानदारी और कड़ी मेहनत से डटे रहें, तो सफलता ज़रूर मिलेगी.










