देहरादून शहर काजी मौलाना अहमद काजमी के नमाज़-ए जनाज़ा में उमड़ा जन सैलाब, नम आंखों से किया गया सुपुर्द-ए-खाक

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देहरादून: दून शहर के काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी को अंतिम विदाई देने के लिए भारी जन सैलाब उमड़ा. बीते रोज उनका दिल का दौरा पड़ने से इंतकाल हो गया था. जिनका आज अंतिम यात्रा निकाली गई. उन्हें नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया. वहीं, काजी अहमद कासमी के इंतकाल पर मुस्लिम समुदाय और परिचितों के साथ सामाजिक व राजनीतिक संगठनों में शोक की लहर है. उनके अंतिम यात्रा में कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना भी शामिल हुए. उन्होंने कहा कि देहरादून में एक अमन पसंद धार्मिक नेता को खो दिया है.

मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी साल 1981 से देहरादून के शहर काजी थे. जिनका 74 साल की उम्र में इंतकाल हो गया. बीते रोज यानी 22 नवंबर को मोहम्मद अहमद कासमी एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए नजीबाबाद जा रहे थे. तभी अचानक उनका इंतकाल हो गया. बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा था. जिससे उनका इंतकाल हुआ. वहीं, रविवार यानी 23 नवंबर को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई. उनके घर से चंदर नगर स्थित कब्रिस्तान तक लोगों का हुजूम उमड़ा. जहां नम आंखों से उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया.

वहीं, कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि शहर काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी के इंतकाल से देहरादून ने एक अमन पसंद धार्मिक नेता को खो दिया है. उन्होंने होली के दिन 14 मार्च 2025 को मस्जिदों में जुमे की नमाज का समय बदलकर ढाई बजे कर दिया था. यह फैसला उन्होंने प्रशासन और पुलिस की अपील के बाद लिया था. जिसे काफी सराहा गया था. उधर, काजी मौलाना मोहम्मद अहमद कासमी के इंतकाल के बाद तमाम सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों में शोक की लहर है.
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Author: News 7

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