पटना: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर निर्वाचन आयोग की टीम पटना में है. आज मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्त डॉ. सुखवीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इसमें 6 राष्ट्रीय और 6 अधिकृत क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हुईं. 2 घंटे से अधिक देर तक चली बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने कई सुझाव दिए, इनमें छठ बाद चुनाव कराने की भी मांग शामिल है.
छठ के बाद हो इलेक्शन: चुनाव आयोग के साथ बैठक के दौरान राजनीतिक दलों ने एक से दो फेज में चुनाव कराने के साथ-साथ छठ के बाद ही चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा. सियासी दलों के प्रतिनिधियों ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए छठ पर्व के तुरंत बाद चुनाव कराया जाए. कम से कम चरणों में चुनाव कराने का भी सुझाव दिया.
आरजेडी ने EC के सामने रखी मांग: चुनाव आयोग से मीटिंग के बाद आरजेडी सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि उनकी पार्टी ने निर्वाचन आयोग के सामने कई मांग रखी है. उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि दीपावली और छठ के बाद ही चुनाव हो, क्योंकि आगे पर्व है. अगर उससे पहले चुनाव होगा तो लोगों को परेशानी हो सकती है.
हमने बिहार विधानसभा का चुनाव दो फेज में करवाने की मांग की, क्योंकि दीपावली और छठ का पर्व नजदीक है. लोगों को परेशानी ना हो, इसके लिए दो चरणों में विधानसभा का चुनाव करवाया जाए.”- अभय कुशवाहा, सांसद, राष्ट्रीय जनता दल
SIR को लेकर भी जताई आपत्ति: अभय कुशवाहा ने कहा कि 3 लाख 66 मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है, उस पर हमने चुनाव आयोग के सामने आपत्ति दर्ज कराई है. हमने कहा कि जिन मतदाताओं का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है, उसकी सूची उपलब्ध कराई जाए. इसके अलावा बाहरी घुसपैठी का नाम काटा गया है, उसकी भी सूची उपलब्ध कराई जाए।
बीजेपी ने की दो फेज में चुनाव की मांग: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि उन लोगों ने निर्वाचन आयोग को सुझाव दिया है कि बिहार विधानसभा का चुनाव एक से दो चरणों में संपन्न हो जाए, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि ज्यादा चरण में चुनाव होने से मतदाताओं को परेशानी होती है. साथ ही उम्मीदवारों का खर्च बढ़ता है. इसके अलावे मतदाताओं खासकर महिला मतदाताओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है.
जेडीयू ने की एक चरण में चुनाव की मांग: वहीं, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने निर्वाचन आयोग को सलाह दिया है कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहतर है. राज्य में नक्सलवाद की समस्या लगभग खत्म हो चुकी है. इसलिए एक चरण में विधानसभा का चुनाव संपन्न हो. जब महाराष्ट्र में एक चरण में विधानसभा का चुनाव हो सकता है तो बिहार में क्यों नहीं. एक चरण में चुनाव संपन्न होने से खर्च भी कम होगा. SIR पर निर्वाचन आयोग ने बहुत अच्छा काम किया है. जो फर्जी वोटर थे, उनका नाम मतदाता सूची से हटा है.
“बिहार एक चरण में चुनाव के लिए तैयार है. इसीलिए हमने अपनी पार्टी के तरफ से निर्वाचन आयुक्त को किया सुझाव दिया है यदि एक चरण में चुनाव होता है तो जेडीयू इसका समर्थन करेगा. हमने बिहार के सभी बूथों पर पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की भी मांग की है.”- संजय झा, कार्यकारी अध्यक्ष, जनता दल यूनाइटेड
कब खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल?: बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को खत्म हो रहा है. ऐसे में उससे पहले नई विधानसभा का गठन हो जाना है. 20 अक्टूबर को दिवाली है और 28 अक्टूबर को 4 दिवसीय छठ का समापन होगा. ऐसे में नवंबर के पहले सप्ताह में चुनाव हो सकता है. 2020 में तीन चरणों में चुनाव हुआ था लेकिन इस बार माना जा रहा है कि एक या दो फेज में चुनाव कराया जा सकता है.










