बीजापुर: नक्सल प्रभावित बीजापुर में विजयादशमी के दिन पूना मारगेम ( पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान से प्रभावित होकर कुल 103 नक्सलियों ने सरेंडर किया है. आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 1 करोड़ 06 लाख रूपये के इनामी नक्सली शामिल हैं.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों की जानकारी: बीजापुर एसपी डॉक्टर जितेंद्र यादव ने सरेंडर नक्सलियों की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि विजयादश्मी के दिन नक्सलवाद पर फोर्स को बड़ी सफलता मिली है. सरेंडर करने वाले नक्सलियों में कुल 103 नक्सली हैं. इनमें से अधिकांश नक्सली नक्सल संगठन में काफी एक्टिव पदों पर तैनात रहे हैं. इनमें कुल 49 नक्सली शामिल हैं. इन सभी पर कुल 1 करोड़ 6 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
क्या है सरेंडर करने की मुख्य वजह ?: बीजापुर एसपी डॉक्टर जितेंद्र यादव ने बताया कि नक्सलियों के सरेंडर करने की मुख्य वजह नक्सल संगठन में मतभेद है. इसके अलावा सरकार की तरफ से चलाई जा रही नियद नेल्लानार योजना, पूना मारगेम अभियान और लोन वर्राटू अभियान से नक्सली प्रभावित होकर सरेंडर कर रहे हैं. नक्सलियों के अंदर खून खराबा छोड़कर अच्छा जीवन जीने की लालसा जग रही है. यही वजह है कि नक्सली नक्सल संगठन को छोड़कर सरेंडर कर रहे हैं.
पस्त हो रहा नक्सल संगठन: डीआईजी कमलोचन कश्यप ने बताया कि नक्सल संगठन में टूट की स्थिति पैदा होती जा रही है. हाल के महीनों में बीजापुर, बस्तर और गरियाबंद में हुए लगातार एनकाउंटर में कई वरिष्ठ माओवादी मारे गए हैं. इसके अलावा कई बड़े नक्सलियों ने सरेंडर किया है. हाल में नक्सल कमांडर सुजाता और जानसी ने भी हथियार डाले हैं. इससे नक्सल संगठन की राजनीतिक क्षमता पर गहरा प्रभाव पड़ा है. सबसे ज्यादा रेवोल्यूशनरी पीपुल्स कमेटी (RPC) के सदस्य बड़ी संख्या में सरेंडर कर रहे हैं।
सीएम साय ने जताई खुशी: नक्सलियों के इस सरेंडर पर सीएम विष्णुदेव साय ने खुशी जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा है कि धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पावन पर्व आज प्रदेश में हिंसा और भ्रम के अंधकार पर विकास और सुशासन की विजय का भी प्रतीक बन गया. हमारी सरकार की “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” ने लाल आतंक के भ्रम से भटके लोगों के दिलों में विश्वास का दीप जलाया है. “पूना मारगेम अभियान” से प्रेरित होकर बीजापुर में कुल 103 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है.आत्मसमर्पण करने वालों में से 49 नक्सली वे भी हैं, जिन पर कुल 1 करोड़ 6 लाख 30 हजार रुपए तक के इनाम घोषित थे.










