लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए गंगा एक्सप्रेस-वे को कॉमर्शियल ऑपरेशन डेट (सीओडी) से 15 दिनों तक टोल-फ्री रखने का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत प्रदेश की जनता बिना किसी शुल्क के यूपी के सबसे लंबे व अत्याधुनिक एक्सप्रेसवे पर सफर कर सकेगी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए परियोजना के कन्सेशनैयर्स आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर और अदाणी इन्फ्रास्ट्रक्चर को 15 दिनों तक टोल कलेक्शन स्थगित रखने के निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपीडा द्वारा जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में यात्रियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। बता दें कि 29 अप्रैल को ही पीएम मोदी ने हरदोई में इस एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया था।
यह निर्णय उस समय लिया गया है, जब इंडिपेंडेंट इंजीनियर द्वारा कंसेशन एग्रीमेंट के अनुच्छेद 14.3.1 के तहत प्रोविजनल सर्टिफिकेट जारी किया गया, जिससे एक्सप्रेस-वे की कॉमर्शियल ऑपरेशन डेट निर्धारित हो गई। इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे आम जनता के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार माना गया।
जनता को मिलेगा ‘फ्री राइड एक्सपीरियंस’
योगी सरकार का उद्देश्य है कि शुरुआती चरण में अधिक से अधिक लोग इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे का अनुभव कर सकें। 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर बिना टोल के यात्रा करने का अवसर लोगों को इसकी गुणवत्ता, गति और जन-सुविधाओं से सीधे रूबरू कराएगा। यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि एक्सप्रेसवे के प्रति जनविश्वास को भी मजबूत करेगी।
मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 12 जनपदों को जोड़ता है और इसे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए गेमचेंजर माना जा रहा है। 15 दिन की यह टोल छूट न केवल आमजन को राहत देगी, बल्कि इस मेगा प्रोजेक्ट के प्रति सकारात्मक माहौल भी तैयार करेगी।









