नई दिल्ली- TMC को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों को पर्यवेक्षक नियुक्त करने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की याचिका को खारिज कर दिया है। टीएमसी की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं, लेकिन कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से साफ तौर पर इनकार कर दिया।
कपिल सिब्बल ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एकतरफा फैसले ले रहा है और उन्हें डर है कि हर बूथ पर गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने केंद्रीय कर्मचारियों की तैनाती का विरोध किया था।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग को चुनाव प्रक्रिया और कर्मचारियों को चुनने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी, चाहे वे केंद्र के हों या राज्य के, चुनाव आयोग के तहत ही काम करते हैं। इस लिए कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
यह मामला कोलकाता हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ था, जिसमें टीएमसी की अर्जी खारिज कर दी गई थी।
बता दें कि पश्चिम बंगाल में 2 चरणों में विधानसभा चुनाव हुए थे। पहले चरण के लिए 23 अप्रैल को और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। मतगणना 4 मई को होगी ।









