उत्तर प्रदेश: महंगाई के इस दौर में यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बहुत ही राहत भरी खबर है।राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने UPPCL के 10 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज (FPPAS) वसूली के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।
10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को नियामक आयोग ने गैरकानूनी बताया। नियामक आयोग ने 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज की वसूली को गलत ठहराया है।
UPPCL ने मार्च महीने के लिए ‘फ्यूल एंड पावर परचेस एडजस्टमेंट सरचार्ज’ के रूप में जून के बिजली बिलों में 10% अतिरिक्त शुल्क जोड़ने की तैयारी की थी।
नियामक आयोग ने UPPCL के इस आदेश को फिलहाल के लिए रोक दिया है और स्पष्ट किया है कि जून के बिजली बिल में बिना अनुमति कोई अतिरिक्त वसूली नहीं होगी।
UPERC का यह फैसला UP के लाखों परिवारों, व्यापारियों और उद्योगों के लिए बड़ी राहत है। 10% बढ़ोतरी रुकने से न सिर्फ तत्काल बचत होगी बल्कि आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित नहीं होंगी।









