सुप्रीम कोर्ट ने वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) पर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने SIR प्रक्रिया को पूरी तरह से वैध और संवैधानिक करार दिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने साफ किया कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण (शुद्धिकरण) कराना निर्वाचन आयोग का कानूनी और संवैधानिक अधिकार है।
कोर्ट ने याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि SIR की प्रक्रिया में नियमों का पूरी तरह पालन हुआ है। इसे केवल इसलिए रद्द नहीं किया जा सकता क्योंकि यह सामान्य रिवीजन से अलग है।
इसके अलावा वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के लिए आयोग द्वारा मांगे गए 11 दस्तावेज और आधार को शामिल करने के फैसले को कोर्ट ने सही माना है।









