नई दिल्ली: NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक होने के चलते रद्द कर दिया गया है। परीक्षा रद्द होने पर आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल एक बार फिर केंद्र सरकार पर भड़के। केजरीवाल ने CBI जांच को नाकाफी बताया और कहा कि CBI जांच से कुछ हासिल नहीं होने वाला।
केजरीवाल ने कहा कि जिस तरह नेपाल और बांग्लादेश में जनता ने सड़क पर उतरकर सरकारें गिरा दी । क्या Gen-Z हमारे देश में पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों को जेल नहीं भेज सकती। उन्होंने अपील की कि युवाओं को अपने हक़ के लिए सड़कों पर उतरना होगा।
केजरीवाल ने कहा कि 2017, 2021, 2024 में जो पेपर लीक हुए थे उनकी जांच CBI को सौंपी गई थी इस बार भी जांच CBI को सौंपी गई है। क्या CBI कुछ करेगी?
मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से कुल 93 पेपर लीक हुए हैं। लगभग 6 करोड़ युवाओं का भविष्य इन पेपरों पर टिका था, इससे संदेह पैदा होता है। क्या पेपर लीक के पीछे कोई नेता हैं? अगर नेपाल और बांग्लादेश की Gen-Z सरकारें बदल सकती हैं, तो क्या हमारे देश की Gen-Z पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों को जेल नहीं भेज सकती?









