कोलकाता : विधानसभा चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने गुरुवार को इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने किस कारण से इस्तीफा दिया है, इसकी जानकारी नहीं मिल पाई है. वह साल 2022 से प.बंगाल के गवर्नर थे.
उन्हें 17 नवंबर 2022 को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. बोस को पश्चिम बंगाल का गवर्नर तब बनाया गया था, जब तत्कालीन राज्यपाल जगदीप धनखड़ भारत के उपराष्ट्रपति चुने गए थे. हालांकि, उन्होंने अपने अचानक इस्तीफे के कारणों का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि क्या कोई राजनीतिक दबाव था जिसके कारण उन्होंने यह निर्णय लिया.
उनके इस्तीफे की खबर के बाद प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, “मुझे केंद्रीय गृह मंत्री से पता चला है कि आरएन रवि बंगाल के राज्यपाल के रूप में सीवी आनंद बोस की जगह लेंगे.”
ममता बनर्जी ने कहा, “पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से मैं स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं. उनके इस्तीफे के कारणों की जानकारी मुझे अभी नहीं है. केंद्रीय गृह मंत्री ने अभी मुझे सूचित किया है कि आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि बोस का अचानक इस्तीफा “चौंकाने वाला” और “चिंताजनक” है। ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि संभव है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उन्हें कुछ “राजनीतिक हितों” के लिए दबाव में लाया गया हो
उन्होंने इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार मुझसे परामर्श नहीं किया. ऐसे कदम भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारी संघीय संरचना की नींव पर प्रहार करते हैं. केंद्र को सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करना चाहिए और ऐसे एकतरफा निर्णय लेने से बचना चाहिए जो लोकतांत्रिक परंपराओं और राज्यों की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं.”









