ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट में भयंकर तनाव के दौर से गुजर रहा है। ईरान ने इजरायल के साथ ही पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। कुवैत में ईरान के मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी Grinder की मौत हुई है, जबकि 5 गंभीर घायल हुए हैं।
इजरायल में ईरानी मिसाइलों की चपेट में आकर कई लोग मारे गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नई लीडरशिप ने बात करने की इच्छा जताई है और वह ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 48 ईरानी नेताओं को मारने का दावा किया और कहा है कि आखिरी लक्ष्य हासिल करने तक ईरान पर हमले जारी रहेंगे।
कुवैत में अमेरिकी दूतावास पर ईरान ने हमला कर दिया है। हमले के बाद वहां से काफी धुंआ निकल रहा है। अग्निशमन दल और एंबुलेंस को मौके पर देखा गया है।
ईरान के समर्थन में आए हिज्बुल्लाह पर इजरायल ने जवाबी हमला बोला है। हिज्बुल्लाह के रॉकेट हमले के बाद इजरायल ने लेबनान में उसके ठिकाने पर हवाई हमला किया है। इसमें कम से कम 31 लोग मारे गए हैं। हिज्बुल्लाह के हमलों के जवाब में इजरायल ने आयरन बीम लेजर वेपन का पहली बार इस्तेमाल किया है। लेबनान ने कहा कि 149 लोग घायल हो गए हैं।
ईरान ने मचाई तबाही:
खामेनेई की मौत के बाद ईरान तबाही मचाई हुई है।ईरान ने अपने पड़ोसी देशों यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत में हमले जारी रखा हुआ है। यूएई की राजधानी अबूधाबी में तेज आवाज सुनी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। वहीं कतर की राजधानी दोहा में कई धमाके सुने गए हैं।
उधर ईरान के कद्दावर नेता लारीजानी ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा है। लारीजानी ने एक्स पर लिखे अपने पोस्ट में कहा कि ट्रंप ने अमेरिका फ्रर्स्ट की नीति को इजरायल फ्रर्स्ट की नीति में बदल दिया है। ट्रंप ने पूरे मध्य पूर्व को अफरातफरी में बदल दिया है। उन्होंने अब अमेरिका के और लोग मारे जाएंगे। इसकी कीमत अमेरिकी सैनिकों और उनके परिवार को चुकानी होगी। उन्होंने कहा कि ईरान अपनी रक्षा करता रहेगा।










