श्रीनगरः जम्मू-कश्मीर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं. रविवार को श्रीनगर के लाल चौक स्थित घंटा घर पर सैकड़ों प्रदर्शनकारी जमा हुए और खामेनेई की मौत पर दुख जताया. घाटी के पुलवामा, बड़गाम और अन्य जिलों में भी विरोध प्रदर्शन हुए. शोक मनाने वाले लोगों ने हाथों में खामेनेई की तस्वीरें ले रखी थीं. वे अमेरिका व इजरायल के खिलाफ नारे लगा रहे थे.
इधर, प्रशासन ने विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन अगले दो दिनों तक कश्मीर में स्कूल कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने लोगों से शांति बनाए रखने और ऐसी किसी भी हरकत से बचने की अपील की है जिससे अशांति फैल सकती हो. ईरान के हालातों और खामेनेई की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए उमर ने ‘X’ पर लिखा-
“मैं सभी समुदायों से शांत रहने, शांति बनाए रखने और तनाव पैदा करने वाले कामों से बचने की अपील करता हूं. हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर में जो लोग शोक मना रहे हैं, उन्हें शांतिपूर्वक शोक व्यक्त करने दिया जाए. पुलिस और प्रशासन को अत्यधिक संयम बरतने और बल प्रयोग या पाबंदियों से बचने की आवश्यकता है.”
ईरान में फंसे कश्मीरी छात्रों और अन्य लोगों के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि ईरान में मौजूद छात्रों सहित जम्मू-कश्मीर के सभी निवासियों की सुरक्षा और कुशलता सुनिश्चित की जा सके.
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने भी खामेनेई की हत्या पर मीरवाइज उमर फारूक द्वारा दिए गए बंद के आह्वान को अपना समर्थन और एकजुटता दी. उन्होंने कहा, “यह शोक का दिन दुनिया को यह याद दिलाने के लिए है कि कहीं भी होने वाला अन्याय पूरी मुस्लिम उम्मा और सच्चाई के साथ खड़े होने वाले सभी लोगों को जख्मी करता है. दुख और प्रतिरोध में एकजुट होकर, हम ईरान के लोगों के साथ मजबूती से खड़े हैं.”










