देहरादून- धामी कैबिनेट ने उपनल कर्मियों के लिए लिया बड़ा फैसला, 7000 कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में उपनल कार्मिकों के लिए बड़ा फैसला लिया गया है.करीब ढाई घंटे चली इस बैठक में कुल 19 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें उपनल कार्मिकों और न्यायालयों से जुड़े निर्णय प्रमुख रहे।

कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियो के समान कार्य समान वेतन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। फिलहाल जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार सैनिक कल्याण विभाग में पूर्व में उपनल कार्मिकों की प्रथम चरण में 2018 तक 10 साल की सेवा करने वालों को समान कार्य समान वेतन का लाभ मिलेगा। इसके तहत 7000 से 8000 कार्मिक लाभान्वित होंगे। 2018 से पूर्व के बाकी कार्मिकों को भी अलग से चरणबद्ध लाभ मिलेगा।

इस मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियालने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहले ही कह दिया था कि उपनल कर्मचारियों के साथ न्याय होगा, आज उसी पर फैसला लिया गया. कैबिनेट ने वित्तिय संसाधनों को देखते हुए निर्णय लिया कि साल 2015 तक के लगे हुए उपनल कर्मचारियों को शासनादेश जारी होने के बाद तत्काल प्रभाव से सामान कार्य का सामान वेतन निर्धारण कर दिया जाएगा और उनको विभागीय संविदा पर नहीं लिया जाएगा.

कैबिनेट में लिए गए फैसले:

  • पेराई सत्र 2025-26 के लिए 270 करोड़ की शासकीय प्रतिभूति यानी स्टेट गारंटी को मंजूरी। अब चीनी मिलें ऋण ले सकेंगी।
  • चीनी मिलों के गन्ने के मूल्य को मंजूरी। 405 रुपये अगेती के मिलेंगे।
  • निर्वाचन विभाग में सेवा नियमावली को मंजूरी।
  • उत्तराखंड संस्कृत अकादमी का नाम उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम होगा।
  • यूकॉस्ट के तहत अल्मोड़ा व चंपावत के साइंस सेंटर के लिए 6-6 पद स्वीकृत किए गए।
  • 2024-25 की ऊर्जा विभाग की रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
  • वन निगम की रिपोर्ट सदन में रखने पर मुहर।
  • बागवानी मिशन के तहत एंटी हेलनेट पर भारत सरकार की 50% के साथ अब राज्य से 25% अतिरिक्त मिलेंगे।
  • दून विवि में हिन्दू अध्ययन केंद्र के तहत 6 पदों (4 अकादमी,2 अन्य) को स्वीकृति मिली।
  • उपनल कर्मचारियों के लिए: पूर्व में चरणों में समान कार्य समान वेतन के 12 वर्ष के बजाय 10 वर्ष पूरे करने वालों को समान कार्य समान वेतन 7000 से 8000 कर्मचारियों को मिलेगा। 2018 से पूर्व के बाकी को भी अलग से मिलेगा लाभ।
  • एनडीपीएस, पॉक्सो, के तहत विशेष न्यायालय बनेंगे। 16 न्यायालय बनेंगे, जिसमें 144 पद स्वीकृत हैं। देहरादून हरिद्वार नैनीताल और उधमसिंह नगर में 7 एडीजी, 9 एसीजेएम स्तर के न्यायालय होंगे।
  • उत्तराखंड की विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए सीएम को निर्णय के लिए अधिकृत किया गया।
  • खनन विभाग: नंधौर व अन्य नदियों में खनन का आदेश संशोधित किया गया है।
  • विभिन्न खेल प्रतियोगिता के लिए विधायक स्तर की चैंपियन ट्रॉफी और एक लाख, सांसद स्तर पर चैंपियनशिप ट्राफी और 2 लाख, राज्य स्तर पर 5 लाख और ट्रॉफी मिलेगी।
  • ब्रिडकुल रोपवे, टनल व कैविटी पार्किंग, ऑटोमेटेड या मेकैनिकल पार्किंग भी बनाएगा।
  • बीएनएस की धारा 330 में दो पक्षों के सहमत होने पर विशेषज्ञ की जरूरत नहीं है। उसका एक फॉरमेट बनाने के लिए नियमावली को मंजूरी।
  • यूसीसी में संशोधन को मंजूरी।  जनवरी 2025 से पूर्व शादी वालों को छह माह के बजाय एक साल में कराना होगा विवाह पंजीकरण। रजिस्ट्रार जनरल अब अपर सचिव लेवल के अधिकारी होंगे। समय से काम न करने पर फाइन के बजाय पेनाल्टी किया गया।
  • उत्तराखंड पर्यटन की नियमावली को मंजूरी, होम स्टे योजना का लाभ स्थानीय को ही मिलेगा। अब इसके लिए स्थायी निवास जरूरी होगा। ब्रेड एन्ड ब्रेकफास्ट ही करा सकेंगे बाहरी राज्यों के लोग। होम स्टे जैसा कोई लाभ नहीं मिलेगा।
  •  केदारनाथ धाम में एक पायलट प्रोजेक्ट बनेगा। इसमें गोबर व चीड़ की पत्तियों से बायो मास पैलेट बनेंगे। पर्यटन विभाग करेगा।
News 7
Author: News 7

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