वॉशिंगटन डीसी: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के हालात पर बहुत करीब से नजर रखी जा रही है और उम्मीद है कि देश में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रदर्शनकारियों को मारा गया, तो अमेरिका दखल देगा और उस देश पर ऐसी जगह हमला करेगा जहां उसे सबसे ज्यादा दर्द होगा. ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में टॉप तेल और गैस एग्जीक्यूटिव्स के साथ एक मीटिंग के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ये बातें कहीं.
जब उनसे ईरान के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘ईरान बड़ी मुसीबत में है. मुझे लगता है कि लोग कुछ शहरों पर कब्जा कर रहे हैं, जिसके बारे में किसी ने सोचा भी नहीं था कि ऐसा हो सकता है. हम हालात पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं. मैंने बहुत मजबूती से यह बयान दिया है कि अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं, तो हम दखल देंगे.
हम उन्हें वहीं मारेंगे जहाँ उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होगा, और इसका मतलब जमीन पर सेना भेजना नहीं है, बल्कि इसका मतलब है उन्हें वहीं मारना जहाँ उन्हें सबसे ज्यादा दर्द हो, इसलिए हम नहीं चाहते कि ऐसा हो.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा, ‘लेकिन ईरान में कुछ बहुत ही अविश्वसनीय हो रहा है. यह देखने में एक कमाल की चीज है. उन्होंने बहुत बुरा काम किया है, उन्होंने अपने लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया है और अब उन्हें इसका नतीजा भुगतना पड़ रहा है, तो, देखते हैं क्या होता है. हम इसे बहुत करीब से देख रहे हैं.’
प्रदर्शनकारियों के बारे में ट्रंप ने कहा, ‘मुझे बस उम्मीद है कि ईरान में प्रदर्शनकारी सुरक्षित रहेंगे क्योंकि यह अभी बहुत खतरनाक जगह है और मैं फिर से ईरानी नेताओं से कहता हूं कि आप गोली चलाना शुरू न करें क्योंकि हम भी गोली चलाना शुरू कर देंगे.’ पॉलिसी रिसर्च ऑर्गनाइजेशन, इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर के अनुसार, 7 जनवरी से ईरान में विरोध प्रदर्शनों की गतिविधि दर और पैमाने दोनों में काफी बढ़ गई है, जिसमें तेहरान जैसे बड़े शहर और उत्तर-पश्चिमी ईरान भी शामिल हैं.
वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने ट्रंप पर तानाशाह जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया और कहा कि तानाशाहों को उनके घमंड के चरम पर ही हटा दिया जाता है. उन्होंने कहा, ‘हमारा देश विदेशियों के लिए भाड़े के सैनिक बनने को बर्दाश्त नहीं करता. आप चाहे कोई भी हों, एक बार जब आप किसी विदेशी के लिए भाड़े के सैनिक बन जाते हैं, एक बार जब आप किसी विदेशी के लिए काम करते हैं, तो देश आपको ठुकरा देता है.










