नैनीताल: अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नैनीताल में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता मल्लीताल पंत पार्क से तल्लीताल डांठ तक सड़क पर उतरे और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी चेहरों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार जानबूझकर सच्चाई को सामने आने से रोक रही है. यशपाल आर्या ने मांग की कि इस मामले की जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई से कराई जाए. इसमें शामिल सभी वीआईपी लोगों के नाम सार्वजनिक किए जाएं.
विधायक सुमित हृदयेश ने भी सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए कहा कि कांग्रेस शुरू से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करती आ रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की गई तो यह आंदोलन पूरे प्रदेश में और तेज किया जाएगा.
ठोस सबूत दें तो हर स्तर की जांच को तैयार सरकार: इधर मसूरी में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अंकित भंडारी हत्याकांड को लेकर उठ रहे सवालों पर बयान दिया. उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी तरह की जांच से पीछे नहीं हटेगी, लेकिन केवल राजनीतिक आरोपों के आधार पर सीबीआई जांच नहीं कराई जा सकती. यदि विपक्ष या किसी अन्य व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ा कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे सामने रखा जाए. सरकार उस पर तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई करेगी.
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सीबीआई जांच या उससे भी ऊपर की किसी जांच के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है, बशर्ते उसके लिए पर्याप्त आधार और प्रमाण हों. केवल बयानबाजी से न्याय प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ती. उन्होंने दो टूक कहा कि विपक्ष अब तक कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर पाया है और केवल भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है. गणेश जोशी ने बताया कि सरकार की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि अंकित भंडारी मामले में यदि कोई नया प्रमाण सामने आता है, तो उस पर त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी.










