नई दिल्ली: भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की आज 101वीं जयंती है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रतिष्ठित राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित प्रमुख नेताओं ने नई दिल्ली में समाधि स्थल ‘सदैव अटल’ पर पुष्पांजलि नक्षत्र की स्थापना की।
इस दिन को गुड अववेनेंस डे के तौर पर भी मनाया जाता है। राजनीतिक नेताओं ने उन्हें एक दूर के विचारक वाले राजनेता के रूप में याद किया। उन्होंने भारतीय राजनीति को मजबूत किया और मोदी सरकार के ‘मुक्त भारत’ बनाने के संकल्प को प्रेरित किया।
उन्हें एक ऐसे राजनेता के रूप में जाना जाता है जिसमें राजनीतिक समझ और नैतिक अधिकार का अनोखा मेल था। उनके नेतृत्व की विरासत पुरातत्व तक बनी रहेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी और भारतीय राजनीति और शासन में उनके योगदान पर जोर दिया।
एक्स पर एक पोस्ट में शाह ने कहा, ‘अटल जी ने भाजपा की स्थापना के माध्यम से भारतीय राजनीति को एक राजनीतिक विकल्प दिया, जो राष्ट्र के हित और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को सबसे ऊपर रखता है। भारत को ऐतिहासिक बिजली वाला देश बनाना हो या अच्छे आविष्कारों को साकार करना हो, उनके नेतृत्व में विलक्षण सरकार ने देश के सामने एक ऐसा साहसिक मॉडल पेश किया, जिसने विरासत और विज्ञान को एक साथ आगे बढ़ाया।










