देहरादून: आईएमए यानि इंडियन मिलिट्री अकादमी की ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड संपन्न हो गई है. भारतीय सैन्य अकादमी के चेटवुड भवन के ग्राउंड पर ऑफिसर्स कैडेट ने शानदार परेड से सभी का दिल जीत लिया. थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड की सलामी ली. अकादमी की परंपरा के अनुसार पास आउट होने वाले कैडेट्स मैदान पर परेड करते नजर आए. इसके बाद पीपिंग सेरेमनी और फिर प्रथम पग के साथ उनकी सेना में बतौर अफसर एंट्री हो गई.
‘स्वॉर्ड ऑफ ऑनर’ निष्कल द्विवेदी को मिला है. सिल्वर मेडल बादल यादव को हिस्से आया है. ब्रॉन्ज मेडल पर कमलजीत सिंह ने अपना नाम लिखाया. बेस्ट मित्र देश कैडेट बांग्लादेश के मोहम्मद अशरफ बने हैं.
157वें कोर्स के साथ भारतीय सैन्य अकादमी ने एक बार फिर राष्ट्र के लिए साहस, पेशेवर दक्षता और अटूट समर्पण से नेतृत्व करने वाले अधिकारियों के निर्माण की अपनी गौरवशाली परंपरा को सुदृढ़ किया है।
देश के 491 युवाओं ने जिस सपने को आंखों में सजाया था, वह अब साकार हो गया है. कड़ी मेहनत, अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण के लंबे दौर के बाद ये युवा भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट होकर देश सेवा के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
देश को मिले 491 सैन्य अफसर: इस बार अकादमी से कुल 525 ऑफिसर्स कैडेट्स पास आउट हुए हैं. इनमें भारत के 491 कैडेट्स के साथ-साथ 14 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स भी शामिल हैं. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सैन्य अकादमी की साख और भरोसे का यह एक और प्रमाण है.

थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ली परेड की सलामी:
खास बात यह है कि इस बार पासिंग आउट परेड में स्वयं थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी मौजूद रहे. उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और कैडेट्स की सलामी स्वीकार की. सेना प्रमुख की मौजूदगी ने इस समारोह को और भी विशेष और गौरवशाली बना दिया.










