लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने वायु प्रदूषण का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि हमारे ज़्यादातर बड़े शहर जहरीली हवा की चादर में जी रहे हैं. लाखों बच्चों को फेफड़ों की बीमारी हो रही है. उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है. लोगों को कैंसर हो रहा है. बुज़ुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है.
यह एक दिलचस्प मुद्दा है क्योंकि मुझे यकीन है कि इस मुद्दे पर सरकार और हमारे बीच पूरी सहमति होगी. यह कोई सोच का मुद्दा नहीं है. इस सदन में हर कोई इस बात से सहमत होगा कि एयर पॉल्यूशन, जो हमारे लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है, वह कुछ ऐसा है जिस पर हम सहयोग करना चाहेंगे. वहीं, केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि हमलोग चर्चा के लिए तैयार हैं.
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि मैंने दिल्ली और बड़े शहरों में प्रदूषण के बारे में बात की. यह एक ऐसा मुद्दा है जिस पर सभी पार्टियां सहमत हो सकती हैं. हमारी आने वाली पीढ़ियों की सेहत खतरे में है. मैंने सुझाव दिया कि हम इस पर चर्चा करें, लेकिन एक-दूसरे पर इल्जाम लगाने के बजाय, हमें इसका हल निकालना होगा, हमें एक्सपर्ट्स से भी इनपुट लेना चाहिए. हम देश को दिखाना चाहते हैं कि हम प्रदूषण को रोकने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं.
SIR और वंदे मातरम पर तीखी बहस हुई, और मुझे खुशी है कि हमने उन बहसों में उन्हें पूरी तरह से खत्म कर दिया. अमित शाह घबरा गए थे. उन्होंने सदन में अपशब्द भी कहे. उन पर बहुत दबाव था, और यह सही भी है. प्रदूषण के मुद्दे पर इतनी तीखी बहस नहीं होनी चाहिए. यह एक नेशनल इमरजेंसी है. बहस प्रोडक्टिव होनी चाहिए.










