महाराष्ट्र: पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल चाकुरकर का शुक्रवार 12 दिसंबर को 90 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने लातूर में अपने घर पर आखिरी सांस ली. शुक्रवार सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर उन्होंने देह त्याग दी.
जानकारी के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से बीमार थे. शिवराज पाटिल पूरी जिंदगी कांग्रेस की राजनीति में एक्टिव रहे. वह पिछले कई सालों से राजनीतिक जीवन से रिटायर हो चुके थे. उन्हें बहुत मेहनती और साफ सोच वाले नेता के तौर पर देखा जाता है. बता दें, शिवराज पाटिल सात बार से लातूर से कांग्रेस के सांसद रह चुके थे।
कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल के राजनीतिक जीवन की बात करें तो उन्होंने कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष और केंद्रीय कैबिनेट में पद शामिल हैं. जैसे ही उनके निधन की खबर मिली वैसे ही पूरे महाराष्ट्र और राजनीति जगत में शोक छा गया. पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल का जन्म 12 अक्टूबर 1935 को महाराष्ट्र के लातूर जिले के चाकुर में हुआ था. उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की थी. उन्होंने 1967 में राजनीति में कदम रखा. उन्होंने लातूर नगर पालिका में भी काम किया.
1980 में वे पहली बार लातूर से कांग्रेस सांसद के रूप में चुने गए. इसके बाद उनकी जीत का क्रम लगातार जारी रहा. जहां से वे 7 बार लोकसभा पहुंचे. पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की सरकारों में उन्होंने रक्षा, वाणिज्य, साइंस और टेक्नोलॉजी, परमाणु ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अंतरिक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद संभाले थे. पीवी नरसिंह राव की सरकार में वे 1991 से लेकर 1996 तक लोकसभा के स्पीकर भी रहे थे. बता दें, साल 2004 में लोकसभा चुनाव में हारने के बावजूद भी उन्हें गृह मंत्री का पद सौंपा गया था, लेकिन 2008 में मुंबई हमलों की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था.मुंबई में जब 2008 में आतंकी हमला हुआ था, तब देश के गृह मंत्री शिवराज पाटिल ही थे. मुंबई अटैके बाद उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था.










