नई दिल्ली: इंडिगो के अनुरोध पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए एयरलाइंस को 24 घंटे की मोहलत दे दी है. इंडिगो को आज शाम छह बजे तक हर हाल में कारण बताओ नोटिस का जवाब दाखिल करना होगा. डीजीसीए ने अपने नोटिस में साफ कहा है कि एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को दी जाने वाली सेवा में कमी पायी गई. इसके लिए उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए.
DGCA ने इंडिगो के अकाउंटेबल मैनेजर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर को बड़े पैमाने पर ऑपरेशनल रुकावटों और नियमों का पालन न करने पर 6 दिसंबर को जारी शो कॉज नोटिस पर अपना जवाब देने के लिए एक बार के लिए 24 घंटे का एक्सटेंशन दिया है.
इंडिगो के दो अधिकारियों ने 7 दिसंबर को एक रिक्वेस्ट में और समय मांगा था. इसमें एयरलाइन के देश भर में ऑपरेशन के स्केल से जुड़ी ऑपरेशनल दिक्कतों और कई ऐसे कारणों का जिक्र किया गया था जिनसे कई एयरपोर्ट पर दिक्कतें हुई. रिक्वेस्ट को रिव्यू करने के बाद डीजीसीए ने डेडलाइन को सिर्फ 8 दिसंबर को 6 बजे तक बढ़ाया और यह साफ कर दिया कि इसे और बढ़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी.
रेगुलेटर ने चेतावनी दी कि अगर बढ़ाई गई टाइमलाइन के अंदर पूरा और डिटेल जवाब नहीं दिया गया तो रेगुलेटर मौजूद रिकॉर्ड के आधार पर एकतरफा कार्रवाई करेगा. डीजीसीए ने कहा कि वह स्थिति पर नजर रख रहा है और पैसेंजर सुरक्षा, रेगुलेटरी नियमों का पालन और नॉर्मल ऑपरेशन को फिर से शुरू करने पर ध्यान दे रहा है.
डीजीसीए ने इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को नोटिस जारी किया, क्योंकि बड़े पैमाने पर कैंसिलेशन और देरी से पूरे भारत में यात्रियों में हाहाकार मच गया था. रेगुलेटर ने कहा कि एयरलाइन ने ‘प्लानिंग, ओवरसाइट और रिसोर्स मैनेजमेंट में बड़ी चूक’ दिखाई, जिससे सर्विस में गंभीर रुकावट आई.









