नई दिल्ली: नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बुधवार को भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ाने रद्द होने और ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) पर एक डिटेल्ड अपडेट जारी किया. रेगुलेटर ने पुष्टि की है कि वह मामले की जांच कर रहा है और एयरलाइन को ठोस बचाव उपायों के साथ पूरी जानकारी देने के लिए बुलाया है.
इंडिगो के दिए गए डेटा के मुताबिक एयरलाइन ने नवंबर में 1232 उड़ाने रद्द की. इनमें से 755 उड़ाने रद्द होने का कारण क्रू और फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) की दिक्कतों की वजह से हुई. वहीं 92 एटीसी सिस्टम गड़बड़ी की वजह से, 258 एयरपोर्ट और एयरस्पेस की पाबंदियों की वजह से और 127 दूसरी अलग-अलग वजहों से हुई.
डीजीसीए ने कहा कि रुकावटों का एक बड़ा हिस्सा ऑपरेटर के सीधे कंट्रोल से बाहर की वजह से हुआ, जिसमें एटीसी से जुड़ी देरी और खास एयरपोर्ट पर कैपेसिटी की पाबंदियां शामिल हैं. इसका असर इंडिगो के समय की पाबंदी रिकॉर्ड में साफ दिखा. एयरलाइन का ओटीपी अक्टूबर में 84.1फीसदी से गिरकर नवंबर में 67.70 प्रतिशत हो गया, जो महीने-दर-महीने इसकी सबसे बड़ी गिरावट में से एक थी. कुल देरी में एटीसी से जुड़ी देरी का हिस्सा 16 फीसदी था, इसके बाद क्रू ऑपरेशन के कारण 6 फीसदी, एयरपोर्ट सुविधा की दिक्कतों के कारण 3 फीसदी और दूसरे कई कारणों से 8फीसदी देरी हुई.
एविएशन रेगुलेटर ने कहा कि उसने इंडिगो को बदले हुए एफडीटीएल नियमों को लागू करने में आसानी के लिए और स्पष्टीकरण जारी किया है. ये नियम तब और ज्यादा ध्यान में आए हैं जब एयरलाइंस थकान-मैनेजमेंट की जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रू शेड्यूल में बदलाव कर रही है. डीजीसीए ने यह भी पुष्टि की कि वह कैंसलेशन कम करने और समय पाबंदी को बेहतर बनाने के लिए एयरलाइन के साथ और उपायों पर विचार कर रहा है.
डीजीसीए ने यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले ऑफिशियल चैनल से फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी है, जबकि इंडिगो ने यात्रियों से अपनी वेबसाइट पर रियल-टाइम अपडेट देखने की अपील की है. एयरलाइन ने कहा, ‘हमें हुई परेशानी के लिए बहुत अफसोस है और हम रुकावट को कम करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. रेगुलेटर की जांच जारी है, और उम्मीद है कि इंडिगो डीजीसीए हेडक्वार्टर को रुकावटों के पीछे के कारणों और आगे कैंसलेशन रोकने के अपने प्लान के बारे में जानकारी देगी.









