देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर क्राइम टीम ने करोड़ों के अंतरराष्ट्रीय पार्सल फ्रॉड का खुलासा करते हुए अफ्रीका के 3 आरोपियों को पंजाब से गिरफ्तार किया है. आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस के अंतर्गत कार्रवाई की गई. आरोपी, अनजान लोगों से पैसा लेने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करते थे. आरोपियों ने दून निवासी रिटायर्ड कर्नल के साथ 89 लाख रुपए की ठगी की थी. आरोपियों से मिली जानकारियां I4 C समन्वय पोर्टल पर अपलोड की जाएंगी. जिससे ऑल इंडिया क्रिमिनल लिंकेज का पता जल्द लगाया जा सकेगा.
मामले के मुताबिक, देहरादून निवासी रिटायर्ड कर्नल ने जुलाई 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी कि फेसबुक पर आरोपियों ने संपर्क किया था. जिन्होंने फेसबुक पर नकली प्रोफाइल बनाकर खुद को रॉयल इन्फर्मरी, ब्रिस्टल और एबॉट फार्मास्यूटिकल्स से जुड़े वरिष्ठ पेशेवरों (सारा वाल्टर, एलिजाबेथ चार्ल्स और ‘फ्रैंक/फराक’) के रूप में बताया. आरोपियों ने रिटायर्ड कर्नल से दोस्ती कर विश्वास हासिल किया और फिर औषधीय हर्बल बीजों के बड़े अंतरराष्ट्रीय निर्यात का भ्रामक सौदा दिखाकर पार्सल और ऑर्डर के बहाने कई प्रकार की औपचारिकता का बहाना बनाया.
इस तरह की ठगी: पार्सल ट्रैकिंग वेबसाइट्स और नकली कस्टम/लॉजिस्टिक्स एजेंटों के माध्यम से स्कैनिंग शुल्क, गोल्ड/लाइसेंस फ्री, करेंसी कन्वर्जन चार्ज, बीमा, जीएसटी और क्लीयरेंस शुल्क के नाम पर बार-बार धनराशि मांगी गई. जब भुगतान नहीं किया गया तो आरोपियों ने सहयोग बंद कर दिया फिर उन्होंने राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा अधिकारी और पुलिसकर्मी होने का बहाना बनाकर पीड़ित को फर्जी केस में फंसाने, नाम हटवाने और फाइल आगे बढ़ाने के झूठे वादों से अतिरिक्त भुगतान करवा लिया.
रिटायर्ड कर्नल से ठगे थे 89 लाख रुपए: इस योजना में अनेक फर्जी मोबाइल नंबर, बैंक खाते, सोशल-मीडिया प्रोफाइल और पार्सल-ट्रैकिंग डोमेन का उपयोग कर रकम को कई खातों में ट्रांसफर किया गया. इस तरह 14 जून से 29 जून 2025 के बीच कुल 89 लाख 11 हजार 297 रुपए पीड़ित और उनके परिजनों के अलग-अलग बैंक खातों से ट्रांसफर करवाकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया.
तीनों विदेशी गिरफ्तार: साइबर क्राइम पुलिस द्वारा जांच के दौरान मोबाइल नंबरों, बैंक खातों, व्हाट्सएप चैट, फेसबुक मैसेंजर चैट, पार्सल ट्रैकिंग डोमेन और संबंधित डिजिटल माध्यमों की जानकारी का वेरिफिकेशन किया गया. जिसके बाद घटना में शामिल हेनरी जेरी (डॉन जेरी) निवासी घाना (वेस्ट अफ्रीका), नाकिगोजी फीजा निवासी यूगांडा (ईस्ट अफ्रीका) और एलिजाबेथ निवासी यूगांडा (ईस्ट अफ्रीका) को चिन्हित करते हुए आरोपियों की तलाश जारी की. जिसके बाद साइबर टीम ने तीनों को 21 सितंबर को पंजाब के मोहाली से गिरफ्तार किया.
खातों में करोड़ों का लेनदेन: एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि आरोपियों ने साइबर अपराध के लिए जिस बैंक खातों का प्रयोग किया, उसमें मात्र कुछ महीने में ही करोड़ों रुपयों का लेन-देन हुआ है. साथ ही आरोपियों के खिलाफ देश के कई राज्यों में साइबर अपराधों में एफआईआर और अन्य शिकायतें दर्ज हैं. जिसके संबंध में जानकारी के लिए अन्य राज्यों की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है.










