देहरादून। राजधानी देहरादून मंगलवार शाम नारी शक्ति के संकल्प और राजनीतिक संदेश की गवाह बनी, जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में Gandhi Park से Ghanta Ghar तक नारी शक्ति मशाल यात्रा निकाली गई। जिसमें हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया।
हाथों में जलती मशालें और महिकीला सम्मान के नारों के बीच निकली इस यात्रा में माताएं, बहनें और बेटियां बड़ी संख्या में शामिल हुईं। गांधी पार्क से घंटाघर तक आधा किलोमीटर से अधिक लंबे मार्च ने शक्ति प्रदर्शन का रूप ले लिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह मशाल यात्रा केवल विरोध नहीं, बल्कि उन मानसिकताओं के खिलाफ जनजागरण है, जो महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में नारी शक्ति हमेशा परिवर्तन की धुरी रही है और अब महिलाएं अधिकारों को लेकर पहले से अधिक जागरूक और मुखर हैं।
सीएम धामी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय को लंबे समय तक राजनीतिक कारणों से उलझाए रखा गया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब समझ रही हैं कि कौन उनके अधिकारों के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। यात्रा के दौरान ‘धाकड़ धामी जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस मुर्दाबाद’ के नारे भी गूंजते रहे।
कैबिनेट मंत्री Rekha Arya ने कहा कि आज की भारतीय नारी शिक्षित, जागरूक और निर्णायक है तथा अब महिलाएं राजनीतिक और सामाजिक विमर्श की सक्रिय भागीदार बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान केवल भाषणों से नहीं, बल्कि नीति और व्यवस्था से सिद्ध होता है।









