लखनऊ: महिला आरक्षण मुद्दे पर उत्तर प्रदेश विधानसभा का आज विशेष सत्र बुलाया गया है।इस दौरान सीएम योगी ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह सत्र समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी आचरण के खिलाफ विशेष निंदा प्रस्ताव पारित करने के उद्देश्य से बुलाया गया है।
सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को जब भी सत्ता में रहने का मौका हासिल हुआ है तब जिस तरह की बर्बर घटनाएं और क्रूरता की घटनाएं हुई है वह हर व्यक्ति जानता है। समाजवादी पार्टी के समय नारा बन गया था- देख सपाई, बिटिया घबराई।
सीएम योगी ने विपक्ष पर कटाक्ष किया कि इनके पास कालिख मिटाने का अच्छा अवसर था। वे नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक में सहयोग कर अपनी महिला-विरोधी छवि बदल सकते थे, लेकिन उन्होंने यह मौका भी गंवा दिया। अब ये दल लगातार इस मुहिम में लगे हैं कि यह संशोधन और अधिनियम लागू न हो पाए। विपक्ष ने ऐसे प्रयास किए जिनसे प्रदेश और देश में व्यवस्था पर सवाल खड़े हों।
कांग्रेस और सपा महिला विरोधी :
सीएम योगी ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी को महिला विरोधी बताते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का संशोधन रोकने के उनके आचरण की निंदा के लिए यह विशेष सत्र बुलाया गया है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल जन्मजात महिला-विरोधी हैं। उनकी रग-रग में नारी का अपमान भरा हुआ है।
इस दौरान सीएम योगी ने गेस्ट हाउस कांड का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मैं समाजवादी पार्टी की बात करता हूं कि 1995 की घटना सबको याद है, जब प्रदेश की पहली दलित मुख्यमंत्री के साथ स्टेट गेस्ट हाउस कांड हुआ था। पार्टी कोई भी हो सकती है लेकिन आपका आचरण क्या था? यह है समाजवादी पार्टी का आचरण। उस समय की बसपा नेत्री जो बाद में प्रदेश की मुख्यमंत्री बनी, भाजपा ने उनका समर्थन किया कि एक दलित की बेटी को सम्मान मिलना चाहिए। स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी अपनी जान पर खेलकर समाजवादी पार्टी के गुंडों से स्टेट गेस्ट हाउस में भिड़े थे।










