महिला आरक्षण बिल पर आज संसद में चर्चा हो रही है संसद में बिल पर 18 घंटे की बहस होनी है। महिला आरक्षण बिल को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, ‘मुझे बहुत खुशी है कि आज का दिन ऐतिहासिक है। यह बिल एक ऐतिहासिक कानून है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा कि भारत की संसद ने लोकसभा और अलग-अलग राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का यह ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुझे पूरा भरोसा है कि सभी पार्टियां इसका समर्थन करेंगी।
किरेन रिजिजू ने कहा, ‘मेरी विपक्षी पार्टियों से एक अपील है। कृपया परिसीमन को लेकर अफवाहें न फैलाएं। परिसीमन का बहाना बनाकर महिला आरक्षण का विरोध न करें और दक्षिण भारत के लोगों को गुमराह न करें, और न ही दूसरे मुद्दे उठाकर इस अच्छे मकसद को गलत तरीके से पेश करें या उसका गलत मतलब निकालें। महिला आरक्षण को रोकने के लिए कोई बहाना न बनाएं।
तमिलनाडु के मुख्यमन्त्री स्टालिन के बारे में किरेन रिजिजू ने कहा, वो राजनीति कर रहे हैं और यहां कुछ लोगों ने उन्हें गुमराह किया है। महिलाओं के लिए आरक्षण के खिलाफ कोई नहीं है, लेकिन वे इसे रोकने के लिए कोई बहाना बनाने वाले हैं, जो नहीं किया जाना चाहिए। अगर आप किसी बहाने से महिलाओं के लिए आरक्षण को रोकना चाहते हैं, तो यह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पल होगा।
इसके साथ ही रिजिजू ने कहा, तमिलनाडु या किसी भी राज्य को चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्हें लोगों को गुमराह और भ्रमित नहीं करना चाहिए। मेरी यही अपील है कि भारत के हर राज्य, हर केंद्र शासित प्रदेश को चिंता करने की जरूरत नहीं है। सभी को उचित मौका, प्रतिनिधित्व और अवसर दिए जाएंगे।’ इस लिए मेरी सभी पार्टियों से अपील है कि वो महिला आरक्षण बिल पर किसी तरह की अफवाह न फैलाएं।









