उत्तराखंड चारधाम यात्रा- डीजीपी ने ली हाई-लेवल मीटिंग, सात हजार पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात

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देहरादून: उत्तराखंड चारधाम यात्रा को लेकर पुलिस-प्रशासन ने कमर कस ली है. शुक्रवार को उत्तराखंड डीजीपी दीपम सेठ ने अधिकारियों के साथ हाई-लेवल की मीटिंग की। मीटिंग में सुरक्षा से यातायात तक सभी तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में डीजीपी दीपम सेठ ने निर्देश दिए कि दो एडीजी सहित चार आईजी चारों धामों सहित यात्रा रूट का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। इसके अलावा यात्रा के सकुशल संचालन में करीब 7000 पुलिसकर्मी 24×7 मुस्तैद रहेंगे। चारधाम यात्रा को 16 सुपर जोन और 149 सेक्टर में बनाया गया है. इसके अलावा 118 पार्किंग स्थल बनाए गए है।

इसके अलावा आईजी को चारधाम यात्रा के लिए नोडल अधिकार बनाया गया है। वहीं एकीकृत चारधाम यात्रा कंट्रोल रूम” से 24×7 मॉनिटरिंग होगी।  सुरक्षा के मद्देनजर एटीएस टीमों की तैनाती की जाएगी और यात्रियों की मदद के लिए 57 टूरिस्ट पुलिस केंद्र और 48 हॉल्टिंग पॉइंट्स सहित हेल्प डेस्क तैयार किए गए।

अलग-अलग अधिकारियों को दी गई धामों के निरीक्षण की जिम्मेदारी:

  •  गंगोत्री धाम की जिम्मेदारी ADG लॉ एंड ऑर्डर वी मुरुगेशन
  • बदरीनाथ धाम की जिम्मेदारी ADGप्रशासन एपी अंशुमान
  • हरिद्वार की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक पीएण्डएम विम्मी सचदेवा
  • केदारनाथ की जिम्मेदारीपुलिस महानिरीक्षक साइबर नीलेश आनन्द भरणे
  • युमनोत्री धाम की जिम्मेदारी पुलिस महानिरीक्षक प्रशिक्षण अनन्त शंकर ताकवाले
  • ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला, मुनिकीरेती की जिम्मेदारीआईजी लॉ एंड ऑर्डर सुनील कुमार मीणा

सम्पूर्ण यात्रा पर पैनी नजर रखने के लिए सीसीटीवी और हाई-टेक रेडियो कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया गया है। धामों में कुल 92 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि यात्रा मार्ग पर 1168 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी।

चारधाम यात्रा मार्ग पर ड्रोन से रखी जाएगी निगरानी: इसके अलावा चारधाम यात्रा मार्ग पर यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की हवाई निगरानी के लिए 15 ड्रोन संचालित किए जाएंगे। जिला नियंत्रण कक्षों और आपदा प्रबंधन केंद्रों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि पुलिस मुख्यालय द्वारा सभी व्यवस्थाओं की सतत और क्लोज मॉनिटरिंग की जाएगी।

फायर सर्विस टीम को भी किया गया तैनात: इसके साथ ही 30 स्थानों पर फायर सर्विस की टीमें और 32 स्थानों पर जल पुलिस गोताखोरों की तैनाती की गई है। आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) की 8 टीमें और 2 सब-टीमें देहरादून, हरिद्वार, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में रणनीतिक रूप से तैनात रहेंगी।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा देवभूमि उत्तराखण्ड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के आगमन प्रदेश में होता है. श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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Author: News 7

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