भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत को अब अपने अहम राष्ट्रीय फैसलों की जानकारी खुद अपनी सरकार से नहीं, बल्कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प या उनके नियुक्त अधिकारियों से मिल रही है. रमेश ने इस स्थिति को ट्रम्प-निर्भरता करार दिया.
जयराम रमेश ने इसे ‘ट्रंप-निर्भरता’ यानी ट्रंप पर निर्भरता बताया और इसके उदाहरण के तौर पर पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर और उसी दिन पहले हुए भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा का जिक्र किया. रमेश की यह टिप्पणी तब आई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने पहले प्रधानमंत्री मोदी से बात की थी और भारत और अमेरिका एक ट्रेड डील पर सहमत हुए हैं.
जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने याद दिलाया कि ट्रंप ने दावा किया था कि ऑपरेशन के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में उन्होंने भूमिका निभाई थी, लेकिन भारत सरकार ने इस दावे से इनकार किया है और कहा है कि कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं था. रमेश ने आगे प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि ये घटनाएं दिखाती हैं कि ट्रंप के पास मोदी पर दबाव बनाने का मौका है.
उन्होंने वाशिंगटन डीसी से ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की घोषणा की. उन्होंने वाशिंगटन से रूस और वेनेजुएला से भारत की तेल खरीद के बारे में अपडेट की घोषणा की. अब उन्होंने वाशिंगटन से भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा की है, जिसके पूरे डिटेल्स का इंतजार है.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास प्रधानमंत्री मोदी पर साफ तौर पर कुछ दबाव है – गले मिलने की बात तो दूर की है. ऐसा लगता है कि मिस्टर मोदी ने आखिरकार हार मान ली है. निश्चित रूप से यह सभी डील्स का बाप नहीं हो सकता. वाशिंगटन में साफ तौर पर मोगैंबो खुश है.










