भारत के मशहूर शूटर और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 साल की उम्र में निधन हो गया। कुछ दिन पहले अचानक उनकी तबियत ख़राब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें साकेत के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चला, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।उनके निधन की खबर से खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
1 जून की रात को म्युनिख से भारत लौटते समय फ्लाइट में ही जसपाल राणा की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई. भारत पहुंचने पर उन्हें दिल्ली के मैक्स साकेत अस्पताल में भर्ती कराया गया।अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने उनकी एक सर्जरी की और स्टेंट डाला था, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका और शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली।
राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के इतिहास में वे भारत के सबसे सफल एथलीटों में से एक रहे, जिन्होंने चार संस्करणों (1994, 1998, 2002 और 2006) में कुल 15 पदक (9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य) जीते। उन्होंने एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था।
खेल से संन्यास लेने के बाद उन्होंने भारतीय पिस्टल शूटरों के लिए हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में काम किया। उन्होंने मनु भाकर जैसी स्टार शूटर को मेंटर किया, जिन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में ऐतिहासिक दो कांस्य पदक जीते। इसके अलावा उन्होंने सौरभ चौधरी जैसे कई युवा निशानेबाजों का करियर संवारा।
खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें 1994 में अर्जुन पुरस्कार, 1997 में पद्म श्री और कोचिंग के लिए 2020 में द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।









