ग्रेटर नोएडा के बहुचर्चित अखलाक लिंचिंग केस में कोर्ट ने आज एक अहम फैसला सुनाया है. सूरजपुर स्थित जिला अदालत ने आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे को वापस लेने से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले से मामले में आरोपियों को राहत दिलाने की कोशिशों पर पूरी तरह विराम लग गया है. अब कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख छह जनवरी निर्धारित की है.
मामले में अदालत ने अभियोजन की ओर से केस वापसी की लगाई गई अर्जी को महत्वहीन और आधारहीन मानते हुए निरस्त कर दिया. केस वापस लेने के मामले में आज सुनवाई हुई. कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई छह जनवरी को होगी. साथ ही कोर्ट ने प्रतिदिन सुनवाई की बात कही है. इस दौरान अभियोजन पक्ष को और गवाहों के बयान दर्ज करने के निर्देश दिए गए. साथ ही पुलिस आयुक्त और डीसीपी ग्रेटर नोएडा को निर्देशित किया कि अगर गवाहों को सुरक्षा की आवश्यकता है तो उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए.
कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही सीपीआईएम नेता वृंदा करात ने बताया कि सरकार की ओर से लगाई गई अर्जी आधारहीन थी. कोर्ट ने भी इसको मना. हम पीड़ित परिवार के साथ आगे भी खड़े रहेंगे. बता दें कि इस साल अक्तूबर में राज्य सरकार के अधिवक्ता ने कोर्ट में दलील दी थी कि मुकदमा वापसी से सामाजिक सौहार्द बहाल होगा.
अखलाक की हत्या के मामले में पुलिस ने कई धाराओं में मामला दर्ज कर 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें तीन नाबालिग भी शामिल थे. एक अन्य आरोपी की 2016 में मौत हो गई थी. बाकी 14 सभी आरोपी इस समय जमानत पर बाहर हैं. नोएडा के ट्रायल कोर्ट में मुकदमा चल रहा है. इस मामले में यूपी सरकार की तरफ से ट्रायल कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने के लिए आवेदन दाखिल किया गया था.










