नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को एक 3 महीने की गर्भवती महिला पत्रकार को कथित तौर पर धक्का देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। CJI सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने 27 अक्टूबर 2026 को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में दायर अर्जी में महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने मार्च के दौरान उन्हें अचानक इतनी जोर से गेट की तरफ धक्का दिया कि उनका संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया। अर्जी में कहा गया है कि यह भीड़भाड़ में होने वाली सामान्य धक्का-मुक्की नहीं थी, बल्कि यह जानबूझकर दिया गया धक्का था। गिरने के कारण उनका मोबाइल फोन टूट गया और कॉलर पर लगा माइक्रोफोन रिसीवर भी निकल गया।
याचिका में कहा गया है कि घटना के कुछ समय बाद ही पीड़िता को पेट में दर्द होने लगा। इसके चलते उसे सर गंगा राम अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में ले जाया गया। जहां शुरुआती जांच और दवा देने के बाद डॉक्टरों ने उसे अस्पताल से छुट्टी तो दे दी।
याचिका में यह भी कहा गया है कि घटना भीड़भाड़ वाली जगह पर हुई, जहां सुरक्षाकर्मी, पत्रकार और दूसरे लोग मौजूद थे। याचिकाकर्ता का आरोप है कि यह सामान्य धक्का-मुक्की का मामला नहीं था, बल्कि महिला के साथ जानबूझकर ऐसा किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप याचिका में लगाए गए हैं। अदालत में इनकी पुष्टि होना अभी बाकी है।








